सीबीआई ने पंजाब के रिश्वतखोर डीआईजी और उसके सहयोगी को किया गिरफ्तार
5 करोड़ कैश, 22 महंगी घड़ियां, मर्सिडीज और ऑडी कार

चंडीगढ़/एजेंसी। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई ) ने पंजाब कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हरचरण सिंह भुल्लर को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया है। वर्तमान में वह रूपनगर (रोपड़) रेंज के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) के पद पर तैनात थे। जांच एजेंसी ने उनके पास से करोड़ों रुपये की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा किया है, जिसमें लगभग 5 करोड़ नकद, लक्जरी कारें, सोने-हीरे के आभूषण और कीमती घड़ियां शामिल हैं। भुल्लर 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उनके कथित सहयोगी कृष्णा को भी गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई के अनुसार, कृष्णा उनके मध्यस्थ के रूप में काम करता था और स्थानीय व्यवसायियों से रिश्वत वसूलने का जिम्मेदार था।
सीबीआई ने यह मामला फतेहगढ़ साहिब के कबाड़ी कारोबारी आकाश बत्ता की लिखित शिकायत पर दर्ज किया। शिकायत में कहा गया था कि डीआईजी भुल्लर ने उसे धमकाया कि यदि उसने 8 लाख की रिश्वत और हर महीने सेटेलमेंट राशि नहीं दी तो उसे एक फर्जी आपराधिक केस में फंसा दिया जाएगा। सीबीआई की एफआईआर के अनुसार, भुल्लर ने रिश्वत की रकम अपने सहयोगी कृष्णा के माध्यम से लेने का निर्देश दिया था। जांच के दौरान एजेंसी ने दोनों के बीच की कई इंटरसेप्टेड कॉल्स रिकॉर्ड कीं जिनमें कृष्णा कहते हुए सुना गया, “अगस्त की पेमेंट नहीं आई, सितंबर की पेमेंट भी बाकी है।”
सीबीआई ने शिकायत की पुष्टि के बाद चंडीगढ़ के सेक्टर 21 में जाल बिछाया। ऑपरेशन के दौरान कृष्णा को 8 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। इसके बाद शिकायतकर्ता और डीआईजी भुल्लर के बीच एक कंट्रोल्ड कॉल कराई गई, जिसमें भुल्लर ने भुगतान की पुष्टि की और दोनों को अपने कार्यालय आने का निर्देश दिया। इसके बाद सीबीआई टीम ने मोहाली स्थित उनके दफ्तर से भुल्लर को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने रोपड़, मोहाली और चंडीगढ़ स्थित भुल्लर के ठिकानों पर छापेमारी की। जांचकर्ताओं को भारी मात्रा में नकदी और महंगी वस्तुएं मिलीं।




