इस्लामाबाद में फिर आमने-सामने होंगे अमेरिका और ईरान,युद्ध रोकने के लिए दूसरे दौर की वार्ता इसी हफ्ते संभव

अमेरिका और ईरान की बातचीत करने वाली टीमें इस हफ़्ते के आखिर में गल्फ में चल रही जंग को खत्म करने के लिए बातचीत फिर से शुरू करने के लिए पाकिस्तान लौट सकती हैं। यह बात पहली शांति वार्ता के बिना किसी नतीजे के खत्म होने के कुछ ही दिनों बाद सामने आई है।
इस्लामाबाद/एजेंसी। ईरान और अमेरिका को बातचीत की मेज पर फिर से लाने के लिए पाकिस्तान उच्च स्तर पर कोशिश कर रहा है और दोनों पक्ष अगले सप्ताह तक इस्लामाबाद में वार्ता के दूसरे दौर के लिए फिर से मिल सकते हैं। पाकिस्तानी मीडिया ने मंगलवार को यह खबर दी। एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार ने उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से खबर दी कि अमेरिका और ईरान के बीच रुकी हुई वार्ता को फिर से शुरू करने के लिए संपर्क जारी हैं और 21 अप्रैल को दो सप्ताह के युद्धविराम की समाप्ति से पहले बातचीत दोबारा शुरू हो सकती है।
बैठक के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा पाकिस्तान
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, उप प्रधानमंत्री इसहाक डार और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर दूसरे दौर की वार्ता सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं, जिससे पश्चिम एशिया में युद्ध समाप्त हो सकता है। इस्लामाबाद में आयोजित कुछ उच्च स्तरीय बैठकों में, दोनों पक्षों के शीर्ष नेतृत्व के बीच वार्ता के अगले दौर की तैयारी के संकेत दिए गए हैं। अमेरिका और ईरान ने गत सप्ताहांत 47 वर्षों में पहली बार सीधी बातचीत की थी।
गुरुवार को इस्लामाबाद में मिल सकते हैं दोनों देश
कुछ सूत्रों ने बताया कि वार्ता का अगला दौर बृहस्पतिवार को इस्लामाबाद में हो सकता है। हालांकि, उसी दिन प्रधानमंत्री शहबाज युवराज मोहम्मद बिन सलमान के निमंत्रण पर सऊदी अरब की यात्रा पर भी जा रहे हैं। प्रधानमंत्री सऊदी अरब और तुर्किये की संक्षिप्त यात्राएं करेंगे।
पीएम शहबाज ने किया था युद्धविराम का ऐलान
प्रधानमंत्री शहबाज ने आठ अप्रैल को घोषणा की थी कि दोनों पक्ष दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। यह घोषणापश्चिम एशिया में लगभग छह सप्ताह से चले युद्ध के बाद और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए दी गई समय सीमा से दो घंटे से भी कम समय पहले की गई।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल और ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद-बघर ग़ालिबफ़ के नेतृत्व में एक ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने 11 अप्रैल को संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान खोजने के लिए इस्लामाबाद में एक मैराथन बैठक की थी। हालांकि, यह वार्ता बेनतीजा रही। प्रधानमंत्री शहबाज ने सोमवार को क्षेत्र में स्थायी शांति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पाकिस्तान की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही उम्मीद जताई कि अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुई सीधी वार्ता से सकारात्मक परिणाम निकलेंगे।
अमेरिका ईरान शांति वार्ता
- अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कलिबाफ ने वार्ता के अंतिम दौर में अपने-अपने प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व किया।
- विवाद के मुद्दों में होर्मुज जलडमरूमध्य शामिल है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक प्रमुख मार्ग है जिसे ईरान ने प्रभावी रूप से बंद कर दिया है।
- अमेरिका ने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और परमाणु कार्यक्रमों को बंद करने की शर्त रखी है, बदले में ईरान ने भी रियायतें मांगी है।
- ईरान की प्रमुख शर्तों में लेबनान में युद्धविराम, जब्त संपत्तियों की वापसी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों में ढील शामिल है।




