दिल्ली में लापरवाही की भेंट चढ़ी चार जिंदगी, परिजनों का आरोप है पुलिस ने उनके साथ जमकर की बदसलूकी

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली ब्यूरो। पश्चिम दिल्ली के राजा गार्डन स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम में आग लगने के मामले में पुलिस ने शोरूम के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान मानस महाजन (45) के रूप में हुई है। हादसे की जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि शोरूम में आग से निपटने के लिए इंतजाम न के बराबर थे।
क्राइम टीम और एफएसएल को शोरूम में न के बराबर अग्निशामक यंत्र मिले हैं। आग से बचाव के लिए शोरूम में मालिक की ओर से गंभीर लापरवाही बरती गई। शोरूम में किसी भी आपत के समय अलग से कोई निकास या सीढ़ियां मौजूद नहीं थीं। ऐसे में लापरवाही की वजह से चार जिंदगियां मौत के काल में समा गईं।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पूरे मामले की छानबीन में जुटे हैं। मंगलवार को मोती नगर थाना पुलिस ने दीन दयाल उपाध्यास अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद सभी चारों लोग पायल, आयुषी, अमनदीप और रवि के शव परिवार के हवाले कर दिए हैं। पोस्टमार्टम के दौरान मोर्चरी में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ जमकर बदसलूकी की है। हमें चेहरा तक देखने से रोका। मोर्चरी में कुछ परिजनों ने मुआवजे की मांग की तो पुलिसकर्मी उनको चुप कराने लगे। परिजनों का आरोप था कि जानबूझकर उनकी मांगों को दबाने का प्रयास किया जा रहा था। वहीं पुलिस अधिकारियों ने सारे आरोपों से इनकार किया है।
मामले की जांच कर रहे एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आग पर काबू पाने के बाद टीम ने शोरूम का मुआएना किया। वहां आग से बचाव के सुरक्षा उपकरणों की कोई व्यवस्था नहीं थी। शोरूम में इक्का-दुक्का जगह अग्निशामक यंत्र मौजूद थे। उनका भी इस्तेमाल नहीं हुआ था। वह भी ऐसे ही मिले हैं।
शोरूम की इमारत में छत पर जाने के लिए बाहर से अलग सीढ़ियां बनी हुई थीं। बाकी मालिक ने अपनी सुविधा के लिए शोरूम के भीतर से ही पहली औ दूसरी मंजिल पर सीढ़ी बनाई थी। दूसरी मंजिल पूरे शोरूम में बाहर निकलने का एक ही रास्ता था। आग से धुआं उठा तो ऊपर चारों लोग फंस गए और उनकी मौत हो गई।
वहीं मोर्चरी में मौजूद अमनदीप के अंकल सुनील सिंगला ने आरोप लगाया कि हादसे की सूचना के बाद परिवार मोर्चरी पहुंचे तो उनके बच्चों के शव नहीं दिखाए गए। सभी परिजनों से सुबह सीधे मोर्चरी आने के लिए कहा। दोपहर बाद ही शव परिजनों को सौंपे गए तो उन्होंने उनकी सूरत देखी। सुनील ने पुलिस पर धमकाने का आरोप लगाया।
उनका आरोप था कि मरने वाले सभी बच्चे बेहद गरीब घरों के थे न तो शोरूम के मालिक और न ही सरकार के किसी प्रतिनिधि ने उनकी मदद की। परिजनों ने मुआवजे ही मांग की तो उल्टा पुलिस परिजनों को सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज करने की धमकी देकर डांटने लगे। पुलिस परिवार को मीडिया से भी बात नहीं करने दे रही थी।
बता दें कि सोमवार दोपहर करीब तीन बजे राजा गार्डन स्थित महाजन इलेक्ट्रॉनिक्स में आग लग गई। हादसे के समय दूसरी मंजिल के गोदाम में खाना खा रहे पांच लोग वहां फंस गए। पायल, आयुषी और अमनदीप व रवि की हादसे में मौजूद हो गई जबकि संदीप शर्मा का सफदरजंग में इलाज जारी है। उसकी हालत भी गंभीर बनी हुई है।




