नोएडा पुलिस ने मर्चेंट नेवी में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले एक आरोपी को किया गिरफ्तार

मर्चेंट नेवी के उम्‍मीदवारों का डेटा डार्क वेब पर बेचा जा रहा

नोएडा। मर्चेंट नेवी के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वालों का डेटा डार्क वेब पर बेचा जा रहा है। यहां से डेटा लेकर देशभर के युवाओं के साथ ठगी के आरोपी को नोएडा सेक्टर-58 पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सोशल मीडिया पर संपर्क के बाद वह लोगों से जॉब के लिए कंपनी फीस और टिकट के नाम पर रुपये लेता था।
एडीसीपी नोएडा सुमित शुक्ला ने बताया कि केरल से 2 लोगों की शिकायतें सेक्टर-58 थाने में आई थीं। पीड़ितों को नोएडा के आइथम टावर में बुलाया गया था। यहां डील के बाद जॉब के नाम पर उनसे रुपये लिए गए थे। इसके बाद दोनों को सऊदी अरब की क्रूज कंपनी में जॉब के ऑफर लेटर के साथ टिकट्स भेजे गए थे। लेटर और टिकट फर्जी निकलने पर शिकायत की गई। इस मामले में पुलिस ने विशाखापट्टनम के रहने वाले प्रेम कुमार संदीप को गिरफ्तार किया गया है। वह इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के वसुंधरा में रहकर गैंग चला रहा था। गैंग के एजेंट्स के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पूछताछ में सामने आया है कि 2022 में प्रेम ने हैरादबाद की यूनिवर्सिटी से एमबीए किया था। इसके बाद उसे मर्चेंट नेवी में जॉब लगवाने वाली कंपनियों के बारे में पता चला। पूरा सिस्टम जानने के बाद 24 साल की उम्र में उसने पहली कंपनी हैदराबाद और दूसरी विशाखापत्तनम में शुरू की। इनके माध्यम से उसने डार्क वेब से युवाओं का डेटा लिया और एक ऐप के माध्यम से बल्क मेसेज किए। साथ ही टारगेट लोगों की प्रोफाइल पर ऐड भी चलवाए। इससे लोगों ने कंपनी में संपर्क किया और मिलने नोएडा आए।
एडीसीपी ने बताया कि प्रेम के एजेंट्स प्लानिंग के साथ दूर राज्यों में रहने वाले लोगों को नोएडा में मीटिंग के लिए बुलाते थे। यहां कुछ ऐसे टावर हैं, जहां घंटे के हिसाब से मीटिंग के लिए ऑफिस मिलते हैं। इन्हीं ऑफिस में बुलाकर युवाओं को प्रभावित करते थे। उनसे करीब दो लाख रुपये तक लिए जाते थे। फर्जी जॉइनिंग लेटर और टिकट देने के बाद नंबर बंद कर लेते थे। पुलिस को इस मामले में नैशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर 6 शिकायतें मिली हैं।
आरोपी के पास से पुलिस को कई युवाओं का डेटा मिला है, जिन्हें वह टारगेट कर रहा था। बताया जा रहा है कि अभी तक 50 युवाओं के साथ ठगी कर चुका है। इसमें करीब 2 करोड़ रुपये ठगे गए हैं। पुलिस उसके पास से मिले डेटा के बारे में जानकारी जुटा रही है। एडीसीपी ने बताया कि जॉब के नाम पर किसी को रुपये देने से पहले वेरिफाई करें। किसी ऐड या ऑफिस को देखकर अनजान को रुपये देने से बचें।

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