दिल्ली में नहीं लगेगा जाम, अब एरिया के हिसाब से होगी पार्किंग, जानें सरकार का नया फॉर्मूला
There will be no traffic jam in Delhi, now parking will be done according to area, know the new formula of the government

नई दिल्ली/एजेंसी। अगर आप राजधानी दिल्ली में रहते हैं तो आप यहां की सड़कों पर लगने वाले जाम के बारे में जानते ही होंगे। दिल्ली में जाम लगने की एक बड़ी वजह ठीक पार्किंग व्यवस्था नहीं होना भी है। दिल्ली में पार्किंग की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य पार्किंग योजनाओं को बेहतर बनाना, लोगों की जरूरतों को प्राथमिकता देना और पार्किंग फीस को कंट्रोल करना है।
एरिया के हिसाब से होगी पार्किंग
दिल्ली सरकार ने एरिया-स्पेसफिक पार्किंग योजनाओं पर तेजी से काम करने और भविष्य की पार्किंग योजनाओं में पैदल चलने वालों, साइकिल चालकों, दिव्यांग व्यक्तियों, इमरजेंसी वाहनों, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और स्कूलों जैसी सार्वजनिक संस्थाओं की पार्किंग जरूरतों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही किसी भी ऐसी जगह को जिसे पार्किंग नहीं बनाया गया है वो नो-पार्किंग जोन माना गया है। साल 2020 में एमसीडी ने कम से कम 17 कॉलोनियों के लिए योजनाएं तैयार की थीं और इन्हें दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग को सौंप दिया था।
एक सीनियर एमसीडी अधिकारी ने बताया कि चार को छोड़कर, बाकी योजनाओं को मंजूरी नहीं दी गई। जिन चार योजनाओं को मंजूरी दी गई, उनमें से दो लाजपत नगर और लाजपत नगर मार्केट में लागू की गईं। बाकी दो जगहों गुलमोहर पार्क और नीती बाग पर स्थानीय लोगों द्वारा सुझाए गए बदलावों के कारण योजनाएं अटकी रहीं। 2021 से, आनंद लोक, अरबिंदो मार्ग, गीतांजलि एन्क्लेव, ग्रीन पार्क एक्सटेंशन, कैलाश कॉलोनी, कैलाश हिल्स, पंजाबी बाग बैंक्वेट हॉल, मालवीय नगर, पंचशील एन्क्लेव, सफदरजंग डेवलपमेंट एरिया और सिद्धार्थ एक्सटेंशन पॉकेट-बी के लिए मंजूरी का इंतजार है।
अधिकारियों ने बताया कि उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने हाल ही में एक समीक्षा बैठक की, जिसमें यातायात, परिवहन और अन्य विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में दिल्ली को जाम मुक्त बनाने के निर्देश दिए गए, जिसके लिए सभी एजेंसियों को पार्किंग प्रबंधन योजना में तेजी लानी होगी। दिल्ली में पार्किंग स्थलों के रखरखाव और प्रबंधन नियम, 2019 को उसी वर्ष सितंबर में अधिसूचित किया गया था। नीति के तहत, नागरिक निकायों को PAMP बनाने और आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में अव्यवस्थित पार्किंग को नियमित करना था। इसमें पीक और नॉन-पीक आवर्स के लिए एक अलग सिस्टम बनाने की भी सिफारिश की गई थी।
एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि पार्किंग शुल्क सीमित होना चाहिए, न तो इतना अधिक कि लोग पार्किंग का उपयोग ही न करें और न ही इतना कम कि पार्किंग की मांग बढ़ जाए। अधिकारी ने आगे कहा कि पार्किंग की मांग को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए लंबी अवधि की पार्किंग को हतोत्साहित करने और जगह के कुशल उपयोग को बढ़ावा देने के लिए रणनीतियों को अपनाने की जरूरत है। यह भी निर्देश दिया गया है कि पीक और ऑफ-पीक आवर्स के लिए अलग-अलग फीस हो।




