यादव, खटीक, जाटव… एक ही लड़की के 3 जाति प्रमाण पत्र, आरक्षण के ‘खेल’ का भंडाफोड़
Yadav, Khatik, Jatav... 3 caste certificates of the same girl, the 'game' of reservation exposed

बदायूं/उत्तर प्रदेश। बदायूं में रिजर्वेशन का लाभ पाने के लिए एक युवती ने गजब का फर्जीवाड़ा कर डाला। उसने अलग-अलग जातियों के तीन प्रमाणपत्र बनवा लिए। युवती के दोस्त ने पता चलने पर विरोध किया। इसको लेकर दोनों में विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ शिकायत करनी शुरू कर दी। अब दोस्त ने एक केस में अदालत के आदेश पर युवती और उसके पिता, भाई समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर कराई है।
बदायूं जिले के उसावां थाना क्षेत्र के गांव अहमद नगर रुखाड़ा के प्रमोद राठौर के मुताबिक जिले के उसहैत थाना क्षेत्र के एक गांव की निवासी युवती ने खुद को यादव जाति की बताकर उससे नजदीकी बढ़ाई। जबकि बाद में पता चला कि युवती खटीक जाति की है। बकौल प्रमोद उसने युवती से इसका विरोध किया। तो उसने यादव (अहीर) जाति की होने का प्रमाण पत्र दिखा दिया। आरोप है कि युवती पास एक नहीं 3 जाति प्रमाण पत्र खटीक, अहीर और जाटव जाति के थे।
प्रमोद ने आरोप लगाया कि युवती ने अपने जाति प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल रिजर्वेशन हासिल करने के लिए कई परीक्षाओं में किया है। आरोप है कि फर्जी जाति प्रमाण पत्रों के बल पर सरकार की अन्य योजनाओं का भी लाभ ले चुकी है। प्रमोद का कहना है कि धोखाधड़ी में साथ देने से इनकार पर युवती ने उससे संबंध तोड़ लिए और गांव के ही एक युवक संग नजदीकी बढ़ाकर उसके साथ रहने लगी।
प्रमोद का आरोप है कि युवती ने खुद की शिकायत करने से खफा होकर मेरे भाई सुधीर कुमार, बहनोई पप्पू राठौर, मुन्ना लाल राठौर, अशोक वर्मा आदि रिश्तेदारों के खिलाफ एससी-एसटी, बलात्कार, छेड़खानी, मारपीट और हत्या के प्रयास आदि की धारा में एफआईआर भी दर्ज करा दी थी। प्रमोद की शिकायत पर जब अफसरों ने कार्रवाई नहीं की उसने अदालत में दस्तक दी।
इस दौरान युवती पर आरोप है कि उसने साथियों के साथ प्रमोद के घर घुसकर मां रामवती को पीटा, घर में तोड़फोड़ की, 20 हजार रुपये और सोने चांदी के आभूषण लूट कर ले गई। अब कोर्ट के आदेश पर उसावां पुलिस ने युवती समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है।




