फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति से छीना गया देश का सर्वोच्च सम्मान

सरकोजी को मिली थी अदालत से सजा, फ्रांस का सर्वोच्च सम्मान है लीजन ऑफ ऑनर

पेरिस/एजेंसी। फ्रांस ने पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी से देश का सर्वोच्च सम्मान लीजन ऑफ ऑनर छीन लिया है। रविवार के आधिकारिक बुलेटिन में प्रकाशित एक आदेश के अनुसार, पिछले साल भ्रष्टाचार और प्रभाव बेचने के आरोप में दोषी ठहराए जाने के बाद निकोलस सरकोजी से यह सम्मान वापस लिया गया है। 2021 में राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद से ही सरकोजी कानूनी मामलों में फंसे हुए हैं। सरकोजी अपने कार्यकाल के दौरान भी विवादों में रहे थे। यही कारण है कि राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सरकोजी से सर्वोच्च सम्मान छीनने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
पिछले साल, फ्रांस की सर्वोच्च अदालत ने भ्रष्टाचार और प्रभाव बेचने के आरोप में उनकी सजा को बरकरार रखा था, और उन्हें एक साल के लिए इलेक्ट्रॉनिक टैग पहनने का आदेश दिया था, जो किसी पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्राध्यक्ष के लिए पहली बार था। इसके अलावा पिछले साल, एक अपील अदालत ने 2012 में उनके असफल चुनाव अभियान में अवैध अभियान वित्तपोषण के लिए एक अलग सजा की पुष्टि की थी।
लीजन डी’ऑनर” (लीजन ऑफ ऑनर) सर्वोच्च सम्मान है जो फ्रांस में किसी फ्रांसीसी नागरिक के साथ-साथ किसी विदेशी को भी प्रदान किया जा सकता है। इसे नेपोलियन बोनापार्ट द्वारा फ्रांस की सेवा के लिए लोगों को सम्मानित करने के लिए स्थापित किया था। फ्रांसीसी राष्ट्राध्यक्ष या राष्ट्रपति यह तय करते हैं कि लीजन ऑफ ऑनर पुरस्कार किसे दिया जाएगा। इस ऑर्डर में पांच तरह के पुरस्कार शामिल हैं: शेवेलियर ( नाइट ), ऑफ़िसियर (अधिकारी), कमांडूर ( कमांडर ), ग्रैंड ऑफ़िसियर (ग्रैंड ऑफिसर) और ग्रैंड-क्रॉइक्स ( ग्रैंड क्रॉस )।
फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी का विवादों से पुराना नाता रहा है। 2021 में, उन्हें 2012 के अपने पुनः चुनाव अभियान के दौरान कानूनी अभियान निधि सीमा से परे जानकारी प्राप्त करने और खर्च करने के लिए 2014 में एक न्यायाधीश को रिश्वत देने की कोशिश करने का दोषी पाया गया था। फ्रांसीसी अभियोजकों ने उन पर दो मामलों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था, विशेष रूप से 2007 के फ्रांसीसी चुनावों में कथित लीबियाई हस्तक्षेप से संबंधित । 2021 में सरकोजी को दो अलग-अलग मुकदमों में भ्रष्टाचार का दोषी ठहराया गया था।
उनकी पहली सजा के परिणामस्वरूप उन्हें तीन साल की सजा मिली थी, जिसमें उन्होंने फैसले के खिलाफ अपील की। निकोलस सरकोजी को दूसरी सजा के लिए एक साल की सजा मिली, जिसे उन्हें घर में नजरबंद रहना पड़ा था। इस दौरान उन्हें इलेक्ट्रॉनिक कॉलर पहनना पड़ा, लेकिन इसी साल मई 2025 में उन पर लगा टैग हटा दिया गया।

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