दिल्ली में एनकाउंटर के बाद 2500 किलोमीटर दूर बैठे आईपीएस की उड़ गई नींद

After the encounter in Delhi, the IPS officer sitting 2500 km away lost his sleep

नई दिल्ली/एजेंसी। कोई ऑफिसर से दिल्ली से करीब ढाई हजार किलोमीटर दूर अपनी सेवाएं दे रहा हो और रात के करीब साढ़े 12 बजे उनके फोन की घंटी बजे और कॉलर उनसे पूछे कि सर आपकी टीम ने दिल्ली में जो एनकाउंटर किया है, उसकी डिटेल्स दे दीजिए तो उन पर क्या बीतती होगी इसकी कल्पना करना मुश्किल है। बात एक आध बार की हो तो चल भी जाए, मगर ऐसा कई वर्षों में कई बार हुआ हो तो यह सोचने का विषय है कि ऐसा क्यों हो रहा है।
दरअसल अरुणाचल प्रदेश में पोस्टेड आईपीएस ऑफिसर की नींद दिल्ली पुलिस की चूक के कारण ‘उड़ी’ हुई है। क्योंकि दिल्ली पुलिस के वन टच अवे ऐप (जिस पर दिल्ली के तमाम ऑफिसर्स और थानों के नंबर होते हैं) पर डीसीपी स्पेशल सेल दक्षिण रेंज की प्रोफाइल पर वर्षों पहले दिल्ली से ट्रांसफर हो चुके एक आईपीएस ऑफिसर का पर्सनल नंबर डला हुआ है। जब यहां स्पेशल दक्षिण रेंज की टीम से जुड़ा कोई मसला होता है तो लोग उसी ऐप से डीसीपी को कॉल करते हैं।
मगर कॉल डीसीपी की जगह अरुणाचल प्रदेश के सीनियर आईपीएस ऑफिसर के पास जाती है। यह आईपीएस ऑफिसर कुछ साल पहले तक दिल्ली में ही पोस्टेड थे। दिल्ली में दो जिलों के अलावा स्पेशल सेल के डीसीपी की भी कमान संभाल चुके हैं। लंबा समय दिल्ली में बिताने के बाद उनका तबादला हो गया था। फिलहाल वह अरुणाचल प्रदेश में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं।
मंगलवार देर रात स्पेशल सेल की दक्षिण रेंज एनकाउंटर के बाद कुख्यात गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी गैंग के शूटर सुहैल उर्फ जग्गी के पैर में गोली मारकर उसे पकड़ा तो रात करीब साढ़े 12 बजे दिल्ली से एक रिपोर्टर ने ऐप से नंबर निकालकर कॉल कर दी। मगर अरुणाचल प्रदेश के ऑफिसर ने उठाई।
हैरानी की बात यह है कि इस ऐप पर डीसीपी स्पेशल सेल दक्षिण रेंज अमित कौशिक को बताया हुआ है। जबकि इस पद पर पोस्टिंग पटेल आलाप मनसुख की है। अब ऐप पर यह झोल क्यों है, इस बात का अंदाजा इन ऑफिसर्स को भी नहीं है। यही नहीं मजे की बात यह भी है कि स्पेशल सेल का एक ही थाना है। मगर वहां दर्जनों टीम काम करती हैं। अगर कोई भी टीम कोई केस दर्ज करती है या कोई आरोपी पकड़ती है तो थाने को सूचना जरूर देती है। मगर इस एनकाउंटर के बारे में कल सुबह तक भी थाने के पास कोई जानकारी नहीं थी। दिल्ली पुलिस की सबसे तेज तर्रार यूनिट कहे जाने वाली स्पेशल सेल में ऐसी खामियां उसकी साख पर बट्टा लगा रही हैं। अधिकारी भी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।

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