मध्य प्रदेश में नवरात्रि के पहले भगवा झंडे लगाने को लेकर हिन्दू संगठनों और नगर पालिका सीएमओ के बीच विवाद

सड़क पर उतर गया हिन्दू समाज, दमोह में हुआ बवाल

  • दमोह में भगवा झंडा हटाने को लेकर बवाल
  • लोगों ने सीएमओ के मुंह पर कालिख पोती
  • अपनी मांगो को लेकर हिंदू समाज का प्रदर्शन

दमोह/मध्य प्रदेश। नवरात्रि की सजावट के दौरान दमोह में घंटाघर पर हिन्दू संगठनों द्वारा की जा रही सजावट और भगवा ध्वज को नगर पालिका द्वारा हटवाए जाने का मामले ने तूल पकड़ लिया है। हिन्दू संगठन के नेताओं द्वारा सीएमओ का मुंह काला करने के बाद हिन्दू संगठन और स्थानीय व्यापारी सड़क पर उतर आए और सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करने लगे। संगठनों का सड़क पर विरोध देख पुलिस और प्रशासन सकते में आ गया। बता दें कि इस मामले में स्थानीय जनप्रतिनिधि भी सीएमओ से खफा बताए जा रहे हैं।
मप्र के दमोह जिला मुख्यालय पर नवरात्रि के प्रारंभ होने से पहले ही हिन्दू संगठनों द्वारा शहर में सजावट कराई जा रही है। इसी दौरान शहर के हृदय स्थल घंटाघर पर व आसपास भगवा ध्वज लगाए जा रहे थे। इस दौरान नगर पालिका के कुछ कर्मचारी मौके पर पहुंचे और लोगों को झंडे लगाने से मना करने लगे। पूछने पर बताया कि नगर पालिका सीएमओ प्रदीप शर्मा ने झंडे हटवाने का निर्देश दिए हैं। इसके बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और वे नगर पालिका प्रशासन व सीएमओ के खिलाफ सड़क पर उतर आए। भाजपा युवा नेता अनुराग यादव और विवेक अग्रवाल ने सीएमओ के बंगले पर पहुंचकर उनके चेहरे पर काली स्याही पोत डाली।
घंटाघर चौराहे पर दिनभर हिन्दू संगठन और स्थानीय व्यापारियों का विरोध प्रदर्शन, धरना चलता रहा। प्रदर्शनकारियों को राजनैतिक और अन्य हिन्दू संगठनों सहित सकल हिन्दू समाज का समर्थन भी मिला है। सभी के सदस्य सड़क पर बैठकर सीएमओ प्रदीप शर्मा के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग पर अड़े हैं। इधर नवरात्रि के पहले ही शहर में इस तरह के विरोध प्रदर्शन के बाद शहर में अशांति न फैले इसको लेकर जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी लोगों को समझाने के लिए मौके पर पहुंच गए। लेकिन प्रदर्शनकारी सीएमओ पर कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
विश्व हिन्दू परिषद के जिलाध्यक्ष अंजू खत्री व अन्य संगठनों ने कहा है कि सीएमओ शर्मा द्वारा हिन्दू होने के बावजूद भगवा ध्वज को हटवाने का प्रयास करना हिन्दू विरोधी है। सीएमओ सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और शासन—प्रशासन उन पर कार्रवाई करे, अन्यथा आगे भी विरोध—प्रदर्शन जारी रहेगा। दमोह कलेक्टर सुधीर कोचर ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए मामले में जानकारी ली है। कलेक्टर ने स्थानीय मीडिया से चर्चा के दौरान बताया कि कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने नपा सीएमओ के निर्देश पर ऐसा किया है। मामले में सभी पक्षों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। संगठनों को भी अपना पक्ष रखने के लिए बोला गया है। मामले में जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

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