एसटीएफ ने मेरठ में भारी मात्रा में पकड़े कारतूस, देहरादून से लाए गए थे
STF seized a large quantity of cartridges in Meerut, they were brought from Dehradun

- मेरठ में एसटीएफ ने किया शस्त्र तस्करी गिरोह का पर्दाफाश
- देहरादून से मेरठ लाए गए थे कारतूस, पैसे के बदले होनी थी डिलीवरी
- कई राज्यों में होती थी सप्लाई, एसटीएफ मामले की जांच में जुटी
मेरठ/उत्तर प्रदेश। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने मंगलवार को शस्त्र तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान राशिद अली पुत्र शमशाद अली निवासी ग्राम जोला, थाना बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर के रूप में हुई है। एसटीएफ की टीम ने उसे मेरठ जिले के थाना पल्लवपुरम क्षेत्र से गिरफ्तार किया। उसके पास से बड़ी संख्या में अवैध कारतूस बरामद हुए हैं।
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि एक शख्स अवैध कारतूसों की बड़ी खेप लेकर मेरठ आने वाला है। सूचना के आधार पर एसटीएफ ने इलाके में घेराबंदी कर निगरानी शुरू कर दी। जब संदिग्ध व्यक्ति स्विफ्ट डिजायर कार (UP12BT0395) से पहुंचा, तो उसे रोककर तलाशी ली गई। जांच के दौरान कार में 12 बोर के कुल 1975 कारतूस बरामद हुए।

गिरफ्तार अभियुक्त राशिद अली से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने बताया कि यह कारतूस सुभाष राणा और सक्षम मलिक ने उसे इंस्टीट्यूट ऑफ शूटिंग स्पोर्ट्स (आर.आई.एस.एस.) देहरादून से मेरठ में किसी को डिलीवर करने के लिए भेजे थे। आरोपियों ने उसे यह भी बताया था कि जब वह मेरठ पहुंचेगा, तो उसे किसी अज्ञात व्यक्ति का फोन आएगा। उसे उस व्यक्ति से मुलाकात करवाई जानी थी। फोन पर बात करानी थी और पैसे लेकर सौदा पूरा करना था।
एसटीएफ एएसपी ब्रिजेश सिंह ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है कि यह कारतूस मेरठ में किसे सप्लाई किए जाने थे और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार राशिद अली लंबे समय से इस धंधे में संलिप्त था। इससे पहले भी कई बार हथियार और कारतूसों की खेप डिलीवर कर चुका था।
फिलहाल, एसटीएफ यह पता लगाने में जुटी है कि वह अब तक कितनी बार इस तरह की तस्करी कर चुका है और किन-किन राज्यों में इसकी सप्लाई हो रही थी। एसटीएफ की टीम इस पूरे गिरोह की जानकारी एकत्र कर उनकी घेराबंदी करने में जुट गई है।



