कांग्रेस विधायक के बेटे का चालान काटने पर डीएसपी का किया ट्रांसफर!, हिमाचल हाईकोर्ट ने लगाई रोक
DSP transferred for challaning Congress MLA's son, Himachal High Court stays the transfer

बैजनाथ/हिमाचल प्रदेश। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस विधायक के बेटे की गाड़ी का चालान करने वाले डीएसपी अनिल शर्मा के तबादले के आदेश पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। हिमाचल हाईकोर्ट ने तबादले के आदेश पर स्टे लगा दिया। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि कि पुलिस अधिनियम 2007 की धारा-12 के अंतर्गत डीएसपी का एक स्थान पर कार्यकाल दो साल तक होता है। उसे दो साल पहले ट्रांसफर किया जाता है तो लिखित रूप में कारण दर्ज करने होते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है।
वहीं हाईकोर्ट में डीएसपी अनिल शर्मा के वकील ने कहा कि इस तबादले में नियमों का पालन नहीं किया गया है। वकील की दलीलों को सुननने के बाद हाईकोर्ट ने इस मामले पर आदेश जारी किए और ट्रांसफर पर रोक लगा दी। बता दें कि हाल ही में बैजनाथ के बीड़ बिलिंग में पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप के दौरान पुलिस ने विधायक के बेटे की गाड़ी का चालान कर दिया था। इस दौरान जब पुलिस ने विधायक के बेटे की गाड़ी को रोका था तो कुछ युवकों ने धौंस भी दिखाई थी।
इस दौरान युवकों और पुलिस के बीच काफी बहसबाजी भी हुई थी। डीएसपी अनिल शर्मा के ट्रांसफर को स्थानीय विधायक के बेटे की गाड़ी के चालान काटने के विवाद से जोड़कर देखा जा रहा था। बैजनाथ के डीएसपी की ट्रांसफर के बाद खूब सियासत भी हुई थी, लेकिन अब हाईकोर्ट के स्टे से हर तरह की सियासत पर विराम लगा दिया है। इससे पहले अनिल शर्मा के पीटीसी डरोह में तबादले के बाद मनोहर लाल को बैजनाथ का डीएसपी बनाया गया था और उन्होंने कार्यभार भी संभाल लिया था।
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब मनोहर लाल को वापस उसी स्थान पर जाना होगा और अनिल शर्मा बैजनाथ में ही बतौर डीएसपी सेवाएं देंगे। बता दें कि डीएसपी अनिल शर्मा को तेजतर्रार अफसर माना जाता है। बैजनाथ में उन्होंने अपनी ज्वाइनिंग के बाद काफी काम भी करवाए। उन्होंने बैजनाथ में सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए थे। बैजनाथ के लोग और उन्हें काफी पसंद करते हैं और उनके कामों की तारीफ भी करते हैं।




