‘अजमेर में हिंदुओं के चादर चढ़ाने से मुझे दिक्कत’, धीरेंद्र शास्त्री का विवादित बयान

जयपुर/एजेंसी। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंगलवार को पुष्कर में आयोजित हनुमंत कथा के दौरान कहा कि अजमेर में हिंदुओं के चादर चढ़ाने से मुझे दिक्कत है। मेरी इच्छा है कि अजमेर जिले के पुष्कर में एक मठ बनाएं, जिससे हिंदू मठ में आए। उन्होंने आगे कहा कि भारत में जिसने जन्म लिया वो सब सनातनी है। मैंने एक फिल्म देखी थी ‘अमर अकबर एंथोनी’। इस फिल्म के अंत में पता चला कि तीनों के पिता का नाम कन्हैया लाल था।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि किसी और मजहब में जन्म हुआ होता तो बिना फोटो पूजा कर रहे होते। सनातन धर्म महान है। इसमें महिलाओं को पूजा जाता है। हम किसी पार्टी के नहीं है लेकिन जो काम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किए हैं, वह कोई नहीं कर सकता है। चाहे वह राम मंदिर निर्माण हो या केदारनाथ का काम हो। इससे पहले धीरेंद्र शास्त्री ने सोमवार को कहा था कि हिंदुओं को कम से कम चार बच्चे पैदा करने चाहिए।
हनुमंत कथा के दौरान राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आगामी समय में पुष्कर का स्वरूप अलग ही नजर आएगा। पुष्कर के विकास के लिए काम शुरू हो गया है। राज्य के मंदिरों के विकास पर 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर तंज कसते हुए राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि खुद के तो एक भी बच्चा नहीं है, दुनिया के चार-चार करवा दो। वहीं, कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि भाजपा ने हमेशा संतों का उपयोग किया है। पहले बाबा रामदेव का किया, अब धीरेंद्र शास्त्री का उपयोग किया जा रहा है।एं शुरू हुईं।
कोलकाता में 1960 के दशक तक 37 रूट थे, लेकिन धीरे-धीरे बसों, मेट्रो और ट्रैफिक कारणों से अन्य शहरों में ट्राम बंद हो गईं। आज कोलकाता भारत का एकमात्र शहर है जहां ट्राम सेवा अभी भी चल रही है, हालांकि अब बहुत सीमित रूप में (मुख्यतः एक-दो मार्ग जैसे गढ़ियाहाट से एस्प्लेनेड) चलती हैं। अन्य सभी शहरों से ट्राम 1960-70 के दशक तक समाप्त हो चुकी थीं।




