अजगर की तरह दिखने वाला रसल वाइपर है दुनिया सबसे खतरनाक और जहरीला सांप

स्नेक मैन जितेंद्र जहर से खेलकर बचाते हैं जान

  • रसल वाइपर को ग्रामीणों ने समझा अजगर
  • सबसे खतरनाक और जहरीले सांपों में एक रसल वाइपर
  • सांपों को मारने की जगह पकड़ कर जंगल में छोड़ने की सलाह

साहेबगंज/झारखंड। साहेबगंज जिले के रसूलपुर दहला में रहने वाले जितेंद्र हजारी एक जाने-माने स्नेक मैन हैं। वो कई सालों से सांपों की जान बचाने का काम कर रहे हैं। कई दुर्लभ प्रजातियों के सांपों को उन्होंने घरों से निकालकर जंगल में सुरक्षित छोड़ा है। लोग अब वन विभाग की बजाय सीधे जितेंद्र को ही सांप निकलने की सूचना देते हैं। जितेंद्र पिछले तीन साल से साहेबगंज वन विभाग के साथ अनुबंध पर काम कर रहे हैं, लेकिन सांप पकड़ने का काम वो 10 साल से कर रहे हैं। उनके इस काम के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है।
23 दिसंबर को पटेल चौक के एक रेलवे क्वार्टर से अजगर होने की सूचना मिली। जितेंद्र ने सूचना देने वाले को सांप से दूर रहने को कहा, क्योंकि उन्हें अक्सर लोग रसल वाइपर को अजगर समझकर फ़ोन करते हैं। जितेंद्र जब वहां पहुंचे तो उनका शक यकीन में बदल गया। वह सांप अजगर नहीं, बल्कि बेहद जहरीला रसल वाइपर था। जितेंद्र ने बताया कि यह सांप बेहद जहरीला होता है और बहुत तेजी से आक्रमण करता है जिससे कि आपको संभलने का भी मौका नहीं देता है। सांप को पकड़ते देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। जितेंद्र ने सांप को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ दिया।
साहेबगंज वन प्रमंडल के जिला वन पदाधिकारी प्रबल गर्ग ने बताया कि जितेंद्र कई सालों से उनके साथ जुड़े हैं और सांपों को रेस्क्यू करके जंगल में छोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत में पाए जाने वाले 70 से 80 प्रतिशत सांप जहरीले नहीं होते। लोगों को सांपों को अपना दुश्मन नहीं समझना चाहिए।
जितेंद्र का कहना है कि सांपों को मारने की कोई जरूरत नहीं है। उन्हें पकड़कर जंगल में छोड़ देना चाहिए। ढोढ़बा, धामन, हरहरा, सांखड़, कुकरी, टिंकलेट, बौआ, लाल धामन जैसे 80 प्रतिशत सांप जहरीले नहीं होते। करैत, गेंहुअन, रसल वाइपर जैसे कुछ सांप ही जहरीले होते हैं, जिन्हें सावधानी से पकड़ना होता है। जितेंद्र जहां भी सांप पकड़ने जाते हैं, वहां लोगों से सांपों को न मारने की अपील करते हैं।
जितेंद्र ने अब तक लगभग 1000 रसल वाइपर का रेस्क्यू किया है, जो दुनिया के सबसे खतरनाक और जहरीले सांपों में से एक है। उनका मानना है कि सांपों का संरक्षण जरूरी है और लोगों को उनके बारे में जागरूक होना चाहिए। जितेंद्र का काम न सिर्फ सांपों की जान बचा रहा है, बल्कि लोगों में सांपों के प्रति जागरूकता भी फैला रहा है। उनका यह उत्कृष्ट कार्य वाकई सराहनीय है।

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