पृथक बुंदेलखंड राज्य होगा कई ज्वलंत समस्याओं का समधान : प्रवीण पांडेय
फतेहपुर को मंडल, खागा और घाटमपुर को जिला बनाए जाने की उठी आवाज

फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के तत्वावधान में रविवार को कृष्णा लाज में पृथक बुंदेलखंड राज्य विषय पर विचार विमर्श संगोष्ठी हुई। जिसमें बुंदेलखंड समेत क्षेत्र की समस्याओं और उनके समाधान पर गहन चर्चा हुई। मुख्यवक्ता संगठन महामंत्री यज्ञेश गुप्ता ने संबोधन में कहा कि संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य बुंदेलखंड को अलग राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को और आगे बढ़ाना है।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के केंद्रीय अध्यक्ष प्रवीण पांडेय ने कहा कि बुंदेलखंड को अलग राज्य का दर्जा दिए बिना इसके समुचित विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। इससे न केवल स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि क्षेत्र की अनदेखी भी समाप्त होगी। उन्होंने कहा कि समिति राज्य निर्माण के लिए संघर्ष को और तेज करेगी। बीपी पांडेय ने कहा कि बुंदेलखंड के प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग तभी संभव होगा जब यह क्षेत्र स्वतंत्र राज्य बनेगा। उन्होंने सरकार से मांग की, क्षेत्र को प्राथमिकता दी जाए और लंबे समय से चली आ रही उपेक्षा को खत्म किया जाए। राजेंद्र साहू ने कहा कि बुंदेलखंड के विकास की राह में सबसे बड़ी बाधा योजनाओं की कमी और राजनीतिक उदासीनता है। उन्होंने संगठन की एकजुटता को क्षेत्र की प्रगति के लिए आवश्यक बताया। डा. शिव प्रसाद त्रिपाठी, प्रदीप गर्ग, ब्रजेश सोनी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंडवासियों को अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर संघर्ष करना होगा। संगोष्ठी में शोभा सिंह, रीटा सिंह तोमर, कविता रस्तोगी, कुलदीप सिंह भदौरिया, अजय त्रिपाठी, प्रमोद गुप्ता, संजय गुप्ता, विनय शरण गुप्ता, विवेक दीक्षित, अमित शुक्ला, मनोज कुमार तथा अन्य कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन संघर्ष को व्यापक और प्रभावी रूप देने के संकल्प के साथ हुआ।




