मरीजों के इशारे पर हॉस्पिटल में घूमेगा बेड, आईआईटी-आईएसएम के वैज्ञानिकों ने बनाया दिमाग से चलने वाला ‘मेडिकल बेड’
मेडिकल बेड ईईजी सिग्नल से होता है कंट्रोल, मेडिकल बेड की लागत 2 लाख रुपये

धनबाद/झारखंड। धनबाद के आईआईटी आईएसएम ने एक खास मेडिकल बेड बनाया है जो दिमाग से कंट्रोल होता है। इससे लकवाग्रस्त और गंभीर बीमार लोगों को बहुत मदद मिलेगी। इस अविष्कार के लिए आईआईटी आईएसएम की टीम को गांधीयन यंग टेक्नोलॉजी इनोवेशन सांत्वना-2023 अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह अवॉर्ड समारोह नई दिल्ली में हुआ था।
मेडिकल बेड ईईजी सिग्नल से होता है कंट्रोल
यह मेडिकल बेड ईईजी सिग्नल से कंट्रोल होता है। इसका मतलब है कि मरीज सिर्फ अपने दिमाग से ही बेड को ऊपर-नीचे कर सकेंगे। यह तकनीक उन मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद होगी जो खुद से हिल नहीं सकते। आईआईटी आईएसएम के प्रोफेसर, रिसर्च स्कॉलर और छात्रों ने मिलकर यह बेड बनाया है। इस टीम में आशीष सिद्धार्थ, यल्ला मार्क विशाल, इनामपुडी साई अमिथ और मनमोहन लाभ शामिल थे। इस प्रोजेक्ट को डॉ जफर ने लीड किया था।
यह बेड 2021-22 में विकसित किया गया था और इसकी लागत लगभग दो लाख रुपए है। यह बेड अस्पतालों में नर्सों का काम आसान करेगा और मरीजों को बेहतर देखभाल मिलेगी। प्रोफेसर आलम ने बताया कि हमारा दिमाग छोटे-छोटे इलेक्ट्रिकल सिग्नल भेजता है। इन सिग्नल्स को ईईजी के जरिए पढ़ा जा सकता है। इस बेड को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वह इन सिग्नल्स को समझे और बेड को कंट्रोल करे। टीम के सदस्य आशीष सिद्धार्थ ने बताया कि केस स्टडी में यह देखा गया कि मरीज बिस्तर को ऊपर उठाना चाहता है या नीचे। आशीष ने बताया कि विकसित मॉडल वायवीय सक्रिय चिकित्सा बिस्तर को वांछित स्थिति में नियंत्रित करता है।




