तबला वादक जाकिर हुसैन का निधन, सैन फ्रांसिस्को में ली आखिरी सांस
सीएम योगी- ममता समेत कई हस्तियों ने जताया शोक

नई दिल्ली/एजेंसी। पद्म विभूषण से सम्मानित प्रख्यात तबला वादक जाकिर हुसैन नहीं रहे। रविवार को सैन फ्रांसिस्को के अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली, जहां उनका इलाज चल रहा था। दिल से जुड़ी दिक्कतों के बाद उन्हें दो सप्ताह पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके मित्र और बांसुरी वादक राकेश चौरसिया ने रविवार को बताया था कि जाकिर तो आइसीयू में एडमिट कराया गया है। इसके कुछ देर बाद ही उनके निधन की खबर आ गई। जाकिर के परिवार समेत उनके दुनियाभर के प्रशंसकों के लिए यह बड़ा झटका है।
तबले को वैश्विक मंच पर ले जाने वाले उस्ताद जाकिर हुसैन 73 वर्ष के थे। पिछले दो सप्ताह से दिल से जुड़ी समस्या के कारण सैन फ्रांसिस्को के अस्पताल में भर्ती थे। तबला वादक के लिए वह विश्वभर में प्रसिद्ध थे और देश-विदेश के कई बड़े सम्मानों से नवाजे जा चुके हैं। जाकिर हुसैन को भारत सरकार की ओर से पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है। वह उस्ताद अल्लाह रक्खा के बेटे हैं। उन्होंने पिता के मार्गदर्शन में तीन साल की उम्र में तबला बजाना सीखना शुरू किया था। जाकिर ने दुनिया भर में कई उपलब्धियां हासिल कीं।
उन्हें पांच ग्रैमी अवार्ड मिले हैं, जिनमें इस साल की शुरुआत में 66वें ग्रैमी अवार्ड्स में मिले तीन अवार्ड शामिल हैं। भारत के सबसे प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतकारों में से एक जाकिर को 1988 में पद्म श्री, 2002 में पद्म भूषण और 2023 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। जाकिर को बराक ओबामा ने आल-स्टार ग्लोबल कॉन्सर्ट में भाग लेने के लिए व्हाइट हाउस में आमंत्रित किया था। व्हाइट हाउस में कॉन्सर्ट में आमंत्रित किए जाने वाले वह पहले भारतीय संगीतकार थे।




