बैंक खातों से चुराते थे रकम, यूनियन बैंक के बिजनेस करेस्पॉडेंट गिरफ्तार

Union Bank business correspondent arrested for stealing money from bank accounts

प्रतापगढ़/उत्तर प्रदेश। प्रतापगढ़ पुलिस ने ठगों के ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो बेहद चालाकी से बैंक खातों से रकम उड़ा देता था। इनका कामकाज ऐसा था कि किसी को खबर तक नहीं होती थी। खाते से रकम ट्रांसफर हो जाती थी और इसकी जानकारी खाताधारक तक नहीं पहुंचती थी। लेकिन जब ये मामला खुला तो पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत दो ठगों को अरेस्‍ट कर लिया है।पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उनके पास से ठगी की वारदात के सारे सबूत मिल गए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ संजय रॉय ने बताया कि बैंक खातों से रकम उड़ाने वाले अनिल कुमार और प्रेम पाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
ये दोनों बहुत शातिर हैं। ये बैंक खातों में मोबाइल नंबर बदलकर खाते से रकम ट्रांसफर कर देते थे। पुलिस ने बताया कि ये दोनों यूनियन बैंक के बिजनेस करेस्पॉडेंट (बीसी) के रूप में काम करते थे। इस दौरान दोनों को लोगों के खातों की जानकारी होती थी। ये लोग उन बैंक खातों को निशाना बनाते थे, जिनमें अधिक राशि जमा होती थी।
गिरोह के सदस्य बैंक के बिजनेस करेस्पॉन्डेंट होने के कारण खाताधारकों की जानकारी तक पहुंच रखते थे। गिरफ्तार ठग बैंक सर्वर के माध्यम से उन खातों की जानकारी चेक करते थे जिनमें बड़ी धनराशि जमा होती थी। इन खातों में धोखे से अपने या अपने साथी दोस्त के मोबाइल नंबर लिंक करा लेते थे। मोबाइल नंबर बदलने के बाद, खाते से जुड़ी यूपीआई आईडी बनाकर पैसे ट्रांसफर कर लेते थे। डिजिटल उपकरणों, जैसे फिंगर स्कैनर और लैपटॉप की मदद से खाते का उपयोग कर पैसे निकाल लेते थे, पुलिस ने इनके पास से एक अदद लैपटॉप, एक अदद फिंगर स्कैनर डिवाइस, एक अदद एटीएम कार्ड, एक अदद पासबुक, एक अदद पैनकार्ड बरामद किया है।
अपर पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ संजय रॉय ने बताया कि गिरोह ने यूनियन बैंक के बिजनेस करेस्पॉन्डेंट (बीसी) के रूप में अपनी पहचान का गलत फायदा उठाया। इसके जरिए बैंक खातों में मोबाइल नंबर बदलकर ठगों ने 2.28 लाख की ठगी की थी। इसकी शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच की और इन दोनों की करतूत सामने आ गई। ये लोग खाता धारकों की जानकारी लेकर फिर उससे यूपीआई आईडी बना लेते थे। ये लोग किसी तरह से खातों में कोई नया मोबाइल नंबर लिंक करा लेते थे और फिर उससे यूपीआई आईडी बनाते थे। इसके बाद वे खाते से रकम ट्रांसफर कर लेते थे।इसके लिए वे फिंगर स्‍कैनर और लैपटॉप की मदद से खाते तक पहुंच बना लेते थे। पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ डॉ. अनिल कुमार ने शहरवासियों से अपील की है कि वे जागरूक रहें और साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता बरतें। यदि किसी को कोई संदेहास्पद गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत साइबर क्राइम थाने या 112 नंबर में संपर्क करे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button