अवैध सपंत्ति की मालकिन निकलीं आईएफएस निहारिका सिंह, धूल खा रही है लुकआउट नोटिस की सिफारिश
IFS Niharika Singh turns out to be the owner of illegal property, recommendation of lookout notice is gathering dust

नोएडा। शहर में करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति की मालकिन निकली आईएफएस अफसर निहारिका सिंह को धन दोगुना करने के नाम पर ठगी करने वाली ए एनआई बुनियन कंपनी के आरोपियों में शामिल किया जा चुका है। लखनऊ के एसजीपीजीआई थाने में 4 साल पहले दर्ज हुए ठगी के 144 केसों में से करीब 100 में निहारिका भी सह अभियुक्त में है।पति के साथ ठगी में शामिल इस महिला अधिकारी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने की सिफारिश के बाद डीएसपी डॉ. बीनू सिंह को पद से उसी समय हटा दिया गया था। सत्ता के गलियारों से प्रशासनिक हलके में ऊंची पहुंच के चलते निहारिका के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने की सिफारिश 4 साल से उच्चाधिकारियों की मेज पर धूल खा रही है।
एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा ठगी के इस प्रकरण में गिरफ्तार हो चुके आईएफएस के पति अजीत कुमार गुप्ता से जांच के दौरान विवेचक ने कंपनी के नाम एएनआई के बारे में पूछा था। अजीत ने बताया कि ए फॉर अजीत, एन फॉर निहारिका व आई से इंटरनैशनल जोड़कर बनी एएनआई कंपनी। ठगी के इस मामले में निदेशकों में शुमार अजीत कुमार गुप्ता, अनिल गुप्ता, प्रदीप गुप्ता इस समय सलाखों में हैं।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में सामने आया कि इस कंपनी के संचालकों ने निवेशकों से ठगे गए लगभग 1350 करोड़ रुपये विभिन्न शेल कंपनियों में भेजे थे। आईएफएस अफसर के नाम पर मिली अवैध संपत्ति को सीज करने की कार्रवाई की तैयारी शुरू हो चुकी है। ईडी ने अब तक 7.07 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त कर लिया है। अभी तक की जांच में 30 करोड़ रुपये से ज्यादा की बेनामी संपत्ति के साथ दस फर्जी कंपनियों के बारे में भी पता चला है।




