गाजियाबाद के महामाया देवी मंदिर में टूटा रिकॉर्ड, 22600000 में उठा नवरात्र मेले का ठेका!
उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक मेलों में गिना जाता है,अंग्रेजों ने दी थी 131 लोगों को फांसी

गाजियाबाद ब्यूरो। गाजियाबाद जिले के मोदीनगर के गांव सीकरी खुर्द स्थित प्रसिद्ध महामाया देवी मंदिर में लगने वाले वार्षिक चैत्र नवरात्र मेले के लिए इस बार चढ़ावा और तहबाजारी के ठेकों में रिकॉर्ड बोली लगी है। चढ़ावे का ठेका एक करोड़ तीन लाख रुपये और तहबाजारी का ठेका एक करोड़ 23 लाख रुपये में छूटकर कुल रकम करीब 2.26 करोड़ रुपये पहुंच गई है। बीते कुछ सालों की ये सबसे बड़ी बोली मानी जा रही है।
मेले से जुड़े ठेकों की प्रक्रिया तहसील सभागार में मेले के अध्यक्ष एवं उपजिलाधिकारी अजीत सिंह, नगर पालिका परिषद के चेयरमैन विनोद वैशाली और ईओ नरेंद्र मोहन मिश्रा की मौजूदगी में पूरी कराई गई। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर बोली लगाई। मंदिर में आने वाले चढ़ावे का ठेका इस बार मनजीत भगत के नाम एक करोड़ तीन लाख रुपये में छूटा। इससे पहले पिछले वर्ष यह ठेका मात्र 63 लाख रुपये में सुनील ने लिया था। इस बार बोली में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली।
वहीं, कई वर्षों बाद मेले में तहबाजारी का ठेका भी छोड़ा गया। यह ठेका गौरव पुत्र अशोक ने एक करोड़ 23 लाख रुपये में अपने नाम किया। पिछली बार यह ठेका केवल 12 लाख रुपये में छूटा था, लेकिन बाद में उसे भी निरस्त कर दिया गया था। इस बार मेले में पार्किंग का ठेका नहीं छूटा है। प्रशासन ने खुद ही पार्किंग की व्यवस्था संभालने का फैसला लिया है। श्रद्धालुओं की गाड़ियों के लिए मेले से करीब दो किलोमीटर दूर चार अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग बनाई जाएगी।
सीकरी खुर्द स्थित महामाया देवी मंदिर पर लगने वाला चैत्र नवरात्र मेला उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक मेलों में गिना जाता है। यह मेला प्रथम नवरात्र से शुरू होकर नवमी तक चलता है और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस दौरान एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा, नगर पालिका के आरआई अंकित चौधरी, अंकित गोयल समेत कई अधिकारी और अन्य लोग मौजूद थे।
यह मंदिर करीब 550 साल पुराना बताया जाता है। मंदिर में एक वटवृक्ष है, जिसे शहीदों का वटवृक्ष कहा जाता है। यहां 9 जुलाई 1857 की क्रांति में सीकरी खुर्द गांव स्थित महामाया मंदिर परिसर में स्थित वटवृक्ष पर 131 लोगों को फांसी दी थी।




