सर्व पितृ अमावस्‍या पर जरूर कर लें काले तिल से 4 महा उपाय, 7 पीढ़ियां रहेंगी खुशहाल

Sarva Pitru Amavasya 2023: सर्वपितृ अमावस्या पर काले तिल के उपाय से पितृ दोष दूर होते हैं। आइए जानते हैं खास उपाय।

Sarva Pitru Amavasya 2023: धार्मिक मान्यता के अनुसार, पितरों की नाराजगी का खामियाजा कई पीढ़ियों को भुगतना पड़ता है। पितृ देव की नाराजगी की वजह से परिवार में कलह, धन हानि, बीमारी, आर्थिक नुकासान, वंश वृद्धि ना होना इत्यादि समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वहीं अगर पूर्वज प्रसन्न हों तो 7 पीढ़ियां तर जाती हैं। घर-परिवार में हमेशा खुशहाली बनी रहती है। आर्थिक संकटों से नहीं जूझना पड़ता है। यही वजह है कि पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पितृ पक्ष में श्राद्ध (तर्पण-पिंडदान) किए जाते हैं। आइए जानते हैं सर्वपितृ अमावस्या पर किए जाने वाले काले तिल के उपायों के बारे में।

हिंदू पंचांग के अनुसार, सर्वपितृ अमावस्या इस साल 14 अक्टूबर को पड़ रही है। इस बार सर्वपितृ अमावस्या पर शनिवार का खास संयोग बन रहा है। ऐसे में यह दिन पितृ दोष से निजात पाने के लिए खास माना जा रहा है। ऐसे में इस दिन काले तिल के कुछ खास उपाय को करने से पितृ दोष समेत कई प्रकार के दोषों से मुक्ति मिल सकती है।

सर्वपितृ अमावस्या के उपाय

सर्वपितृ अमावस्या को महालया अमावस्या भी करते हैं। इस दिन काले तिल के उपाय करने से पितरों का भरपूर आशीर्वाद प्राप्त होता है। ऐसे में सर्वपितृ अमावस्या के दिन जल में काले तिल मिलाकर पितरों के निमित्त तर्पण करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से पितृ दोष से छुटकारा मिलता है।

सर्वपितृ अमावस्या इस बार शनिवार के दिन पड़ रही है। ऐसे में इस दिन जल में काले तिल मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य देने से पितर तृप्त होते हैं, उनकी आत्मा को शांति मिलती है। इसके अलावा इस उपाय को शनि की पीड़ा से भी राहत मिलती है।

सर्वपितृ अमावस्या के दिन शनिवार का खास संयोग बन रहा है। ऐसे में इस दिन काले तिल का दान करने से पितरों की नाराजगी दूर होगी। साथ ही पतरों का भरपूर आशीर्वाद प्राप्त होगा। जिससे जीवन में खुशहाली बनी रहेगी।

सर्वपितृ अमावस्या पितरों की नराजगी को दूर करने के लिए सबसे शुभ अवसर होता है। इस दिन जल में काले तिल मिलाकर शनि देव के शिला रूप का अभिषेक करना अच्छा माना गया है। कहा जाता है कि इससे पितृदोष और शनि दोष से राहत मिलती है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button