मेरठ के रेलवे रोड थाने में पहुंच कर भाजपा नेता ने किया हंगामा, पुलिसकर्मियों को दी नसीहत
BJP leader created ruckus at Meerut Railway Road police station, gave advice to policemen

मेरठ/उत्तर प्रदेश। मेरठ में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार और सीनियर नेता कमल दत्त शर्मा का हड़काने वाला अंदाज सामने आया है। पुलिसकर्मियों के स्तर पर शिकायत की सुनवाई नहीं होने के बाद भाजपा नेता दल-बल के साथ थाने पहुंचे थे। थाने में करीब एक घंटे तक भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं का हंगामा चलता रहा। इस दौरान भाजपा नेता कुर्सी पर बैठे दिखाई दिए। वहीं, थानेदा इस दौरान भाजपा नेता के पीछे खड़े दिखाई दिए। भाजपा नेता ने थाने के भीतर थानेदार को खूब हड़काया। उन्होंने कहा कि सुनो इंस्पेक्टर, चुनाव में हमको 80,320 वोट मिले थे। ध्यान रखना, शेर को सवा शेर मिल जाते हैं। भाजपा नेता ने थानेदार को तमीज सीखने की भी सलाह दे डाली।कमल दत्त शर्मा ने कहा कि आपकी तमीज देखिए, आपको कोई सूचना दे रहा है, तो आप उसे थाने बुला रहे हो। इस पूरी घटना के दौरान इंस्पेक्टर आनंद गौतम भी भाजपा नेता कमल दत्त शर्मा की हां में हां मिलाते दिखे। इस मामले में अपनी गलती भी मान ली। दरअसल, भाजपा नेता ने शहर में चल रही अवैध प्राइवेट बसों की शिकायत की थी। थानेदार से फोन पर बात हुई। थानेदार ने उनकेा थाने में आकर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दे डाली। बस फिर क्या था, नेताजी का पारा चढ़ गया। इससे पहले भी कमल दत्त शर्मा का बवाल सामने आया था।
थानेदार के थाने में आकर शिकायत दर्ज कराने की बात पर कमल दत्त शर्मा चिढ़ गए। पहले तो उनकी फोन पर ही थानेदार से कहासुनी हुई। इसके बाद वे 50 समर्थकों के साथ रेलवे रोड थाने पहुंच गए। भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ थाने को घेर लिया। करीब एक घंटे तक वहां जमकर हंगामा होता रहा। कमल दत्त शर्मा भाजपा के टिकट पर यूपी चुनाव 2022 के मैदान में उतरे थे, लेकिन सपा प्रत्याशी ने उन्हें हरा दिया था। मेरठ में अवैध प्राइवेट बसों को लेकर विवाद गहराया। दरअसल, भाजपा के पूर्व पार्षद रमेश प्रधान ने कमल दत्त शर्मा से इस संबंध में शिकायत की थी। रमेश प्रधान का आरोप है कि ईदगाह पर प्राइवेट डबल डेकर बस खड़ी रहती हैं। इन्हें जयपुर, अजमेर, राजस्थान, ग्वालियर तक चलाया जाता है। इनमें माल और सवारी अवैध रूप से ढोए जाते हैं। भाजपा नेता ने इस मामले में इंस्पेक्टर आनंद को फोन किया। इंस्पेक्टर ने मामला जानकारी में नहीं होने की बात कही। कमल दत्त शर्मा ने जब कहा कि हमारे कार्यकर्ता रमेश प्रधान ने इसकी जानकारी आपको पहले ही दी है तो इंस्पेक्टर ने उनसे थाने में आकर शिकायत करने को कहा। इस पर दोनों के बीच कुछ देर तक बहस होती रही।
रात करीब 11 बजे भाजपा नेता समर्थकों के साथ थाने पर पहुंच गए। उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। मामले की जानकारी मिलते ही व्यापार संघ प्रमुख अजय गुप्ता भी थाने पहुंचे। इसके दोनों लोग कुर्सी डालकर थाने के सामने ही बैठ गए। पुलिस को अच्छे से काम करने की बात करने लगे। उन्होंने थानेदार से कहा तमीज देखो इनकी, जनता से क्या रुख रहता होगा? कमल दत्त शर्मा ने थानेदार से कहा कि अगर कोई आपको फोन पर शिकायत कर रहा है तो आप उस पर कार्रवाई करोगे। या यह कह दोगे कि थाने आकर रिपोर्ट दर्ज कराओ। बसों में क्या जा रहा है? यह हमें नहीं, आपको देखना चाहिए। आप लोग बाइक और कार का चालान करते हैं। आपकी नाक के नीचे यह सब कुछ हो रहा है। जीएसटी की चोरी चल रही है। आपको कोई सूचना दे रहा है तो आप उसे थाने बुला रहे हो।
कमल दत्त शर्मा ने थानेदार से कहा कि मैं आपकी बेइज्जती करने यहां नहीं आया हूं। मैं भी चुनाव में 80 हजार से अधिक वोट पाया हूं। आपको बताने आया हूं कि पुलिस की ड्यूटी क्या होती है? आप मुझसे जब इस तरह की बात कर रहे हो तो आम आदमी से क्या ही बात करते होगे। आपको पावर मिली है तो उसका सही इस्तेमाल करिए। कार्यकर्ताओं के सॉरी बोलने को कहने पर नेता ने कहा कि हमें सॉरी नहीं कार्रवाई चाहिए। भाजपा नेता ने कहा कि कोई शिकायत कर रहा है तो आपको उस पर एक्शन लेना चाहिए। आप अपने कर्तव्यों को ऐसे नहीं छोड़ सकते। थानेदार इस दौरान चुप खड़े रहे। उन्होंने बाद में गलती मानते हुए कहा कि अवैध बसों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। इस पूरे मामले की जांच करेंगे। इसके बाद मामला शांत हुआ। SP सिटी आयुष विक्रम सिंह ने इस मामले में कहा कि पुलिस और भाजपा नेता के बीच कुछ गलतफहमी हो गई थी, मामला निपट गया है।




