शव का दो दिनों तक डॉक्टर करते रहे इलाज, शाहजहांपुर में हैरान करने वाला मामला
Doctors kept treating the dead body for two days, a shocking incident in Shahjahanpur

शाहजहांपुर/उत्तर प्रदेश। शाहजहांपुर के थाना सदर बाजार के रज्जब नगर शाहबाजनगर निवासी 15 साल के केशव को बुखार आने पर 31 अगस्त को चौक कोतवाली क्षेत्र के अजीजगंज स्थित कृष्णा हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने उसको भर्ती किया और फौरन आईसीयू में शिफ्ट कर दिया। कई बार केशव से मिलने की कोशिश की, लेकिन डॉक्टर ने उससे मिलने नहीं दिया। डॉक्टर उसको दूर से देखने के लिए कहे रहे थे। आरोप है कि डॉक्टर उसको छूने भी नहीं दे रहे थे। आरोप है कि केशव की आईसीयू में दो दिन पहले मौत हो चुकी थी। बावजूद इसके डॉक्टर इलाज के नाम पर पैसा लेते रहे। इस दौरान दो लाख रुपये इलाज के नाम पर जमा करा लिए गए।
बुधवार को जब परिजनों ने केशव से मिलने की जिद की तो डॉक्टर ने बच्चे का शव बाहर निकालकर रख दिया। उसके बाद शव देखकर परिजन आक्रोशित हो गए। शव को अस्पताल के गेट के बाहर रखकर हंगामा करने लगे। इस दौरान परिजनों ने अस्पताल के अंदर घुसकर डॉक्टर और स्टाफ पर हमले की कोशिश की। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को अस्पताल से बाहर निकाला। उसके बाद परिजनों ने शव को रोड पर रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान पुलिस भी मौके पर आ गई। पुलिस ने काफी प्रयास किया, लेकिन परिजन नहीं मानें। इस बीच एक युवक पत्थर लेकर अस्पताल के गेट पर मारने लगा। पुलिस युवक को रोड पर ले आई। करीब तीन घंटे तक हंगामा चला।
पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने इलाज के नाम पर दो लाख रुपये लिए हैं। मरने के बाद भी उसका इलाज किया जाता रहा। उनकी मांग है कि अस्पताल को बंद कर दिया जाए और डॉक्टर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। बच्चों की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने डॉक्टर और स्टाफ से मारपीट करने का प्रयास किया था। पुलिस के समझाने के बाद भी लोग नहीं मानें और सड़क पर शव को रखकर जाम लगा दिया था। शांति व्यवस्था बनी हुई है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। मामले में कोई भी तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। वहीं, सीएमओ आरपी गौतम ने बताया कि बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। परिजन अस्पताल और डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जांच करवा कर आगे की विधिवत कार्रवाई की जाएगी।



