बरेली के घर में सामूहिक नमाज पर विवाद गहराया, हिंदू परिवारों ने लगाया ‘मकान बिकाऊ है’ वाला बोर्ड

बरेली/उत्तर प्रदेश। बरेली के घर में सामूहिक नमाज पढ़े जाने का मामला एक बार फिर गरमाता जा रहा है। घर को मदरसे का रूप देकर नमाज पढ़ने की बात सामने आई है। इस मामले में हिंदू समाज के लोगों ने गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। 16 जनवरी को भी यह मामला सामने आया था। इसके बाद 12 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। घटना विशारतगंज क्षेत्र के मोहम्मदगंज गांव की है। घर में सामूहिक नमाज का वीडियो वायरल होने के बाद लोग भड़क गए। 200 हिंदू परिवारों ने पलायन की चेतावनी दे दी। इसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर पुलिस अधिकारी पहुंचे। लोगों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया गया।
बरेली में 16 जनवरी को सामूहिक नमाज का वीडियो वायरल होने के बाद एक बार फिर से इस घर में सामूहिक नमाज पढ़े जाने की बात सामने आई है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो लोगों का आक्रोश भड़क उठा। लोग मामले में पुलिस और प्रशासन पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते दिखा। विवाद बढ़ने के बाद 200 हिंदू परिवारों ने पलायन की बात कही। घरों के बाहर ‘मकान बिकाऊ है’ लिख दिया गया।
16 जनवरी को भी सामूहिक नमाज पढ़े जाने का मामला आया था। इसका जमकर विरोध हुआ था। एक बार फिर उसी घर में एक बार फिर से नमाज पढ़ी गई है। आसपास के रहने वाले परिवारों ने आरोप लगाया कि घर को मदरसा बना लिया गया है। यहां सामूहिक रूप से नमाज पढ़ी जाती है। लोगों ने घरों पर पलायन वाले बोर्ड लगाए तो प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
घर में नमाज पढ़े जाने के मामले में मुस्लिम महिलाओं का दावा है कि उनकी शादी को 37 साल हो गए। उस समय से गांव में नमाज पढ़ी जाती रही है। उन्होंने कहा कि खाली घर में नमाज पढ़ा जाता रहा है। जिस घर में नमाज की बात कही जा रही है, वह अभी खाली है। इसको लेकर कभी आपत्ति नहीं की गई। अब कुछ लोग इसे मुद्दे को गरमा रहे हैं। दूसरी तरफ, हिंदू परिवारों का आरोप है कि घर में नमाज पढ़ी जा रही है। पुलिस में शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। घर को मदरसा बना दिया गया। विरोध करने पर लोग झगड़ा करने लगते हैं। माहौल खराब किया जा रहा है।
लोगों के घरों पर ‘मकान बिकाऊ है’ के बोर्ड लगाए जाने का मामला सामने आते ही हंगामा मच गया। पुलिस और प्रशासन की टीम हरकत में आई। क्षेत्र के सीओ और अन्य अधिकारी गांव पहुंचे। लोगों के साथ बातचीत की गई। पुलिस का दावा है कि लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया गया है। पलायन जैसे बोर्ड हटाए जाने की भी बात कही जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर कार्रवाई का भरोसा ग्रामीणों को दिलाया है।




