दिल्ली के आनंद विहार में फर्जीवाड़ा, करोड़ों की कोठी कई बार बेची

नई दिल्ली। आनंद विहार इलाके में एक कोठी को तीन बार बेच दिया गया, लेकिन मकान मालकिन को इसकी भनक तक नहीं लगी। एलआईसी हाउसिंग फाइनैंस लिमिटेड ने इस प्रॉपर्टी पर लिए गए एक करोड़ 25 लाख रुपये के लोन की रिकवरी प्रक्रिया शुरू की तो पूरी साजिश का भंडाफोड़ हो गया। मकान मालकिन ने दावा किया कि उसने ये प्रॉपर्टी कभी किसी को नहीं बेची। यही नहीं, इसी बीच कई अन्य पीड़ित भी सामने आए, जिन्होंने दावा किया कि उन्हें भी फर्जीवाड़ा कर ये कोठी बेची गई है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने सोमवार शाम को मुकदमा दर्ज कर लिया है।
नेहा कुमारी एलआईसी हाउसिंग फाइनैंस लिमिटेड के पीतमपुरा ऑफिस में एरिया मैनेजर हैं। इनकी तरफ से आनंद विहार पुलिस को 26 जून 2023 को एक कंप्लेंट दी गई। इसमें कहा गया कि आनंद विहार के डी-ब्लॉक में 125.28 स्क्वॉयर यार्ड की एक प्रॉपर्टी के लिए लोन का आवेदन मिला। सभी तरह की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद एक करोड़ 11 लाख प्रॉपर्टी के लिए, जबकि 14 लाख रुपये रिनोवेशन के लिए दे दिया गया। विवेक विहार स्थित सब-रजिस्टार ऑफिस से जारी दस्तावेजों को उनके वकील ने पीतमपुरा ऑफिस में 17 अक्टूबर 2022 को जमा करवा दिया।
आरोपी ने लोन की किस्त भरनी बंद कर दी। रिजर्व बैंक की गाइडलाइंस के मुताबिक उसके खाते को नॉन परफॉर्मिंग असेट (एनपीए) घोषित कर दिया गया। इसी बीच, 21 मई 2023 को एक महिला का ई-मेल उनके पास आया, जिसे पढ़ कर वो हैरान रह गए। महिला का दावा था कि वो इस प्रॉपर्टी की असली मालकिन हैं और उन्होंने कभी इसे किसी को बेचा ही नहीं है। महिला ने अपने दस्तावेजों की सत्यापित कॉपी मुहैया कराई, जो उनके पास जमा दस्तावेजों से मिलान नहीं खा रहे थे। इससे खुलासा हुआ कि फर्जी दस्तावेजों से 1.25 करोड़ का लोन लिया गया था।
करोड़ों रुपये का मामला होने से शाहदरा जिला पुलिस ने इसे ईओडब्ल्यू में ट्रांसफर कर दिया। शुरुआती जांच में पता चला कि एलआईसी हाउसिंग के अलावा इसी प्रॉपर्टी को कई बार बेचा और खरीदा जा चुका है। असली मकान मालकिन की जगह किसी दूसरी महिला ने आरोपियों के साथ मिलकर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया है। ईओडब्ल्यू ने सभी शिकायतों को लेकर एक ही मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस पता लगा रही है कि इस फर्जीवाड़े के तार कहां-कहां तक फैले हैं।

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