करोड़ों की लागत से बने अयोध्या के राममंदिर गर्भगृह में पहली बारिश में पानी का रिसाव

अयोध्या/उत्तर प्रदेश। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को अभी छह माह भी नहीं बीते हैं कि राममंदिर निर्माण में तकनीकी खामियां सामने आने लगी हैं। शनिवार रात हुई पहली प्री मानसून बारिश में ही मंदिर की छत टपकने लगी।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पूर्व मंत्री अजय राय ने पहली बारिश में अयोध्या के राममंदिर के गर्भगृह में पानी का रिसाव होने पर सवाल उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने राम मंदिर में भी घोटाला कर दिया है। जारी बयान में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा शहीदों का ताबूत हो या फिर भगवान का मंदिर हर जगह भ्रष्टाचार कर रही है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण अयोध्या में मिला है। पुजारी सत्येन्द्र दास ने खुद बयान दिया है कि करोड़ों की लागत से बने राम मंदिर के गर्भ गृह में पहली बारिश से पानी का रिसाव हो रहा है। इसी तरह करीब 624 करोड़ की लागत से बने राम पथ में तमाम स्थानों पर सड़क धंस गई है।
छह महीने में ही टपकने लगी राम मंदिर की छत
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को अभी छह माह भी नहीं बीते हैं कि राममंदिर निर्माण में तकनीकी खामियां सामने आने लगी हैं। शनिवार रात हुई पहली प्री मानसून बारिश में ही मंदिर की छत टपकने लगी। रामलला के मुख्य अर्चक सत्येंद्र दास ने इस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर के अंदर पानी भर रहा है, छत टपक रही है। राममंदिर ट्रस्ट को इसकी जांच करानी चाहिए।
आचार्य सत्येंद्र दास ने यहां तक कहा कि यदि बारिश शुरू होने से पहले इसके इंतजाम नहीं हुए तो दर्शन-पूजन व्यवस्था में बाधा आएगी। उन्होंने बताया कि शनिवार रात दो से पांच बजे तक तेज बारिश हुई। इसके बाद मंदिर के गर्भगृह के सामने मंडप में चार इंच तक पानी भर गया। सुबह चार बजे की आरती टार्च की रोशनी में करनी पड़ी, क्योंकि डर था कि बिजली जलाने पर कहीं करंट न उतर आए।



