यूट्यूब पर ही खोल लिया ‘गंदा धंधा’,नवजात शिशुओं के यौन शोषण के लिए यूट्यूबर शिखा गिरफ्तार

गाजियाबाद। नवजात शिशुओं के यौन शोषण के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार की गई यू-ट्यूबर शिखा मैत्रेय उर्फ कुंवारी बेगम 12 साल से वीडियो बनाकर यू-ट्यूब पर डाल रही थी। कुंवारी बेगम नाम से चल रहे उसके यू-ट्यूब चैनल पर पुलिस को 115 वीडियो मिले हैं। इनमें से कई में आपत्तिजनक सामग्री है। बुधवार को केस दर्ज होने के बाद उसने आठ को डिलीट कर दिया।
दिल्ली की डिजिटल मार्केटिंग कंपनी में एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत शिखा के खिलाफ बुधवार को ही केस दर्ज किया गया था। आईटी और पॉक्सो एक्ट में दर्ज इस केस में बृहस्पतिवार की सुबह गिरफ्तारी होने से पहले उसने वीडियो डिलीट किए। गाजियाबाद के इंद्रगढ़ी की निवासी आनलाइन वीडियो गेमर शिखा को कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई।
पुलिस की जांच में आया है कि यू-ट्यूब के अलावा इंस्टाग्राम पर भी वह वीडियो डालती है। उसका पिता शिक्षक और मां इंजीनियर है। शिखा दिल्ली से पहले बंगलूरू में नौकरी कर चुकी है। उसने दिल्ली से फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई की। इसके बाद एमएमसी की डिग्री ली।
कुंवारी बेगम चैनल पर चल रहे वीडियो के बारे में भी पुलिस ने पड़ताल की है। पता चला है कि ये वीडियो उसने अपने घर में ही बनाई है। घर में उसने चैट रूम बना रखा है। नवजात शिशुओं के यौन शोषण के लिए उकसाने वाला वीडियो आठ जून को बनाया गया था। वह सभी वीडियो काला चश्मा पहनकर बनाती है। उसने 2012 में यूट्यूब पर मैत्रेय नाम से चैनल बनाया था। तीन साल पहले नाम बदलकर कुंवारी बेगम किया।
गिरफ्तारी से पहले भी दिखाया शातिरपना
शिखा मैत्रेय नाम की ये महिला बेहद शातिर है। इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जैसे ही उसे एहसास हुआ कि उसके खिलाफ पुलिस एक्शन ले सकती है, उसने सबसे पहले अपने सारे वीडियो की सेटिंग पब्लिक से प्राइवेट कर दी। इसके बाद उसने इनमें से आपत्तिजनक वीडियो एक-एक कर डिलीट मार दिए। इतना कुछ करने के बाद उसने अपने सभी सोशल मीडिया प्रोफाइल भी इनएक्टिव कर दिए। हालांकि, उसके कुछ वीडियो अभी भी सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि वो इन वीडियो को स्थाई तौर पर हटाने के लिए गूगल के अधिकारियों से बातचीत कर रही है।
जेल भेजो मुहिम के बाद दर्ज हुआ केस
नवजात शिशुओं के यौन शोषण के लिए उकसाने का वीडियो देखकर कुछ लोगों ने यू-ट्यूब पर कुंवारी बेगम को गिरफ्तार करो नाम से मुहिम चला दी। इसके साथ बड़ी संख्या में लोग जुड़ते गए। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज किया।
यह एकम न्याय फाउंडेशन की संस्थापक दीपिका नारायण भारद्वाज की तहरीर पर दर्ज किया गया। दीपिका ने बताया कि एक्स पर गगन नाम के युवक ने सबसे पहले शिकायत की थी। गगन ने यह वीडियो 10 जून को देखी थी । उनके विरोध के बाद और लोग भी जुड़ गए। एसीपी रितेेश त्रिपाठी ने बताया कि शिखा के कंप्यूटर और मोबाइल की फोरेंसिक जांच होगी। इसमें मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




