कभी चाय बेचती थी गोरखपुर की महिला पहलवान पुष्पा यादव, एशियाई चैंपियनशिप में किया क्वालिफाई

गोरखपुर/उत्तर प्रदेश। गोरखपुर की महिला पहलवान पुष्पा यादव ने एशियाई चैंपियनशिप के लिए क्वॉलिफाई कर लिया है। ऐसा करने वाली पुष्पा गोरखपुर की पहली महिला पहलवान बनी है। वह सीनियर वर्ग के 59 kg भर वर्ग में भारत को रिप्रेजेंट करेगी। पुष्पा की सफलता पर कोच चंद्र विजय सहित अन्य खेल प्रेमियों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। पुष्पा यादव ने दंगल गर्ल बनकर गोरखपुर और शहर वासियों का नाम रोशन किया है। गोरखपुर के माड़ापार की रहने वाली पुष्पा उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के पद पर लखनऊ पुलिस लाइन में पोस्टेड हैं। पटियाला में 10 से 11 मार्च को आयोजित ट्रायल में पुष्पा ने दमदार प्रदर्शन करते हुए 59 किलो भार वर्ग में पहला स्थान प्राप्त किया और एशियाई चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया है।
नेशनल चैंपियनशिप में जीता सिल्वर
जयपुर और पुणे में आयोजित नेशनल चैंपियनशिप में भी उन्होंने रजत पदक जीत कर एशियाई चैंपियनशिप ट्रायल के लिए अपना स्थान सुनिश्चित कर लिया था। पुष्पा अप्रैल माह में कजाकिस्तान में होने वाले एशियाई चैंपियनशिप में अपने भार वर्ग में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी।
पुष्पा पांच भाई बहनों में चौथे नंबर की हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही एक विद्यालय से पूरी की और ग्रेजुएशन के लिए गोरखपुर के संस्कृत महाविद्यालय में (प्राइवेट) एडमिशन लिया है। फिलहाल वह लखनऊ पुलिस लाइन में पोस्टेड है। पुष्पा का कहना है कि गाजियाबाद में वह ट्रेनिंग कर रही हैं, जहां चैंपियनशिप के लिए उनकी तैयारी चल रही हैं। पुष्पा के बड़े भाई कहते है कि हमारा जीवन बेहद गरीबी में बीता है। पुष्पा जब 4 साल की थी तभी हमारी माताजी नहीं रहीं। परिवार की पूरी जिम्मेदारी अकेले पिता जी पर आ गई जो पहले से ही गांव के बाहर चाय की दुकान चलाते थे, बाद में मैं और पुष्पा भी पिता जी का हाथ बंटाने लगे।
वह आगे बताते हैं कि, पुष्पा पहले से ही थोड़ी चंचल और शरारती थी। खेलकूद में उसका मन लगता था। शुरू में तो वह एथलीट बनने की सोचती थी, क्योंकि जीवन के शुरुआती दौर में मैंने भी पहलवानी की थी लेकिन पारिवारिक समस्याओं की वजह से आगे नहीं बढ़ सका। इसलिए पुष्पा को पिताजी ने पहलवान बनाने की सोची और कोचिंग कराने के लिए रेलवे स्टेडियम भेजने लगे। पुष्पा की सफलता पर खेल प्रेमियों सहित कुश्ती कोच एवं सहायक अधिकारी चंद्र विजय सिंह ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।




