कानपुर में नगर निगम का बड़ा वार: कमर्शियल इस्तेमाल पर फ्लैट मालिकों से होगी वसूली

कानपुर/उत्तर प्रदेश। नगर निगम कार्यकारिणी बैठक के दूसरे दिन भी आय बढ़ाने को लेकर दैनिक जागरण द्वारा प्रकाशित किया गया मुद्दा छाया रहा। महापौर ने कहा कि बताए गए सुझाव पर कार्रवाई की जाए और वसूली बढ़ाई जाए। वहीं नगर निगम व जलकल का मूलबजट स्वीकृति किया गया। नगर निगम का बजट 33.59 अरब रुपये का स्वीकृत किया गया। इसमें पार्षद कोटा 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 55 लाख रुपये कर दिया गया। साथ ही जलकल का बजट 4.18 अरब रुपये स्वीकृति किया गया। इसमें पहली बार पार्षदों के प्रस्ताव पर कार्य के लिए अलग से निधि रखी गई है। इसमें साढ़े छह करोड़ रुपये रखें गए है।
बैठक में पार्षद राजकिशोर यादव ने कहा कि शहर में हजारों अपार्टमेंटों में बने फ्लैटों में कई में व्यावसायिक गतिविधियां की जा रही है लेकिन नगर निगम को आवासीय कर दे रहे है। कई अपार्टमेंट कर भवन के हिसाब से दे रहे है जबकि कई फ्लैट बने है। इसका सर्वे कराके शिकंजा कसा जाए तो करोड़ों रुपये की आय होगी।
इस मामले में महापौर प्रमिला पांडेय ने अफसरों से कहा कि जोनवार ऐसे अपार्टमेंटों का सर्वे किया जाए। वह खुद हर हफ्ते मानीटरिंग करेंगी। आवासीय की जगह व्यावसायिक प्रयोग हो रहा है तो कार्रवाई की जाए। व्यावसायिक प्रयोग करने के बाद भी नगर निगम में आवासीय कर जमा करने वालों पर भी कार्रवाई की जाए। यह नगर निगम को चूना लगा रहे है। इससे नगर निगम को करीब 10 करोड़ रुपये तक आय होने की संभावना है।
पार्षदों ने कहा कि पार्किंग, विज्ञापन और यूजर चार्ज पर भी कार्रवाई की जाए। इन मदों में नगर निगम की आय कम है। इसको बढ़ाया जाए ताकि नगर निगम की आय बढ़ेगी तो आत्मनिर्भर होगा। साथ ही और तेजी से शहर का विकास होगा। कर चोरी करने वालों पर कार्रवाई का भी व्यवस्था की जाए।
वहीं महापौर ने कहा कि अगले हफ्ते से जोनवार नगर निगम की संपत्तियों को लेकर अफसरों के साथ बैठक करेंगी। एक-एक संपत्तियों का सर्वे कराया जाएगा। कब्जेदारों से संपत्तियों को खाली कराया जाएगा और उनका निस्तारण करके आय बढ़ाई जाएगी। नगर निगम के कई सामुदायिक केंद्र व बरातशालाओं में कब्जे है या जर्जर हो चुकी है। इनको चिह्नित करके विकसित किया जाए ताकि आय बढ़े।
पार्षदों ने कहा कि इनको भी मंगल भवन की तरह विकसित की जाए। बैठक में तय हुआ कि चुन्नीगंज में बना 96 करोड़ रुपये का कन्वेंशन सेंटर स्मार्ट सिटी से संचालित किया जाए। महापौर ने कहा कि संचालन स्मार्ट सिटी करेगा। इससे होने वाली आय का 50 प्रतिशत नगर निगम को जमा करेगा।




