गोरखपुर में एक ही महिला को तीन बार ‘मार डाला’, जमीन कब्जा करने का नया खेल, आरोपी गिरफ्तार

गोरखपुर/उत्तर प्रदेश। गोरखपुर में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक ही महिला को कागजों में तीन बार मार डाला गया, लेकिन जब सच्चाई सामने आई तो सब के होश उड़ गए। क्योंकि मामला पट्टीदारों के गंदे खेल का था, जिसने अपने भाई की पत्नी का डेथ सर्टिफिकेट तीन बार जारी कराया, इसके पीछे उसकी नीयत जमीन हड़पने की थी। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, वहीं अन्य की तलाश जारी।
गोरखपुर के थाना एम्स के झरना टोला निवासी गया प्रसाद यादव और उसके पुत्र योगेंद्र प्रताप यादव के खिलाफ पटीदार ओम प्रकाश यादव ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि दोनों ने धोखे से मां का डेथ सर्टिफिकेट गलत जारी करवा लिया। यह एक बार नहीं विगत 6 वर्षों में तीन बार हुआ, जिसमें नगर निगम कर्मचारियों की भी मिली भगत है। शिकायत दर्ज होते ही हड़कंप में मच गया, पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज कर आरोपी गया प्रसाद यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और उसके बेटे योगेंद्र प्रताप यादव की तलाश जारी है।
दरअसल, देवरिया जिले के मूल निवासी ओम प्रकाश यादव द्वारा मंगलवार को एम्स थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई की उसके पट्टीदार गया प्रसाद यादव और उनके बेटे योगेंदर प्रताप यादव जो गोरखपुर के झरना टोला में रहते हैं। दोनों ने मेरी मां जिनकी मृत्यु 31 अक्टूबर 2016 को हुई थी, पट्टीदारों ने जमीन हड़पने की नीयत से अप्रैल 2019 में उनका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करा लिया। जबकि विकासखंड देवरिया द्वारा पूर्व में ही वैध प्रमाण पत्र जारी हो चुका था। जब इसकी शिकायत की गई तो नगर निगम गोरखपुर द्वारा 14 दिसंबर 2020 को इसे निरस्त कर दिया गया।
पट्टीदारों ने दुःसाहस दिखाते हुए, फर्जी तरीके से दोबारा वर्ष 2020 में जारी करवा लिया गया। लेकिन शिकायत करने पर इस फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र को भी शिकायत कर 13 अप्रैल 2023 को निरस्त करवा दिया गया। लेकिन पट्टीदारों की नियत इस कदर खराब हो गई थी कि उन्होंने नगर निगम के सुपरवाइजर और संबंधित अधिकारियों की मिली भगत से तीसरी बार अगस्त 2025 में भी जारी कर लिया गया जबकि उसके पहले वाले मामले में मुकदमा दर्ज था। तीसरी बार फर्जी प्रमाण पत्र जारी होने के बाद भी मुकदमा दर्ज कराया गया। इस मामले में अधिकारियों ने गंभीरता दिखाते हुए मुख्य आरोपी गया प्रसाद यादव को गिरफ्तार कर ली जेल भेज दिया है, वही उसके बेटे योगेंदर की तलाश जारी है।
इस मामले में सीओ कैंट योगेंद्र सिंह का कहना है कि पीड़ित द्वारा मामले में पूर्व में भी एफआईआर दर्ज कराई थी। लेकिन दोबारा मुकदमा दर्ज होने के बाद मुख्य आरोपी गया प्रसाद को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। वहीं उसके बेटे योगेंदर की तलाश जारी है। वह कोर्ट रचित दस्तावेज जारी करने के मामले में नगर निगम के कर्मचारियो की जांच कराई जा रही है, दोषी पाए जाने पर विधिक कार्रवाई होगी।




