कितना कूड़ा किया गया खत्म, अब हर महीने होगा भलस्वा लैंडफिल का ड्रोन सर्वे

नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम में नेता सदन प्रवेश वाही ने बताया भलस्वा लैंडफिल पर चल रहे कूड़ा निस्तारण की प्रगति जानने के लिए जमीनी निरीक्षण किया। इस दौरान प्रवेश वाही ने निर्देश दिए कि हर माह भलस्वा लैंडफिल पर चल रहे कूड़ा निस्तारण अभियान का ड्रोन सर्वे किया जाए। साथ ही इसकी रिपोर्ट दी जाए।
प्रवेश वाही ने बताया कि भलस्वा लैंडफिल साइट पर बायो-माइनिंग (कूड़ा निस्तारण) का कार्य तेज़ गति से संचालित हो रहा है। साइट पर सभी मशीनें सुचारू रूप से कार्य कर रही हैं तथा धूल और दुर्गंध को नियंत्रित करने के लिए नियमित रूप से जगह-जगह छिड़काव भी किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भलस्वा लैंडफिल साइट पर बायो-माइनिंग की दैनिक क्षमता को लगातार बढ़ाया गया है, जो अब 15,000 टन प्रतिदिन (टीपीडी) तक पहुंच चुकी है। इससे कूड़े के पहाड़ को समाप्त करने की प्रक्रिया में उल्लेखनीय तेजी आई है। बायो-माइनिंग के परिणामस्वरूप मात्र तीन महीने में लगभग 4.5 एकड़ अतिरिक्त भूमि भी भलस्वा लैंडफिल साइट पर खाली कराई जा चुकी है।
प्रवेश वाही ने आगे बताया कि दिल्ली के सभी लैंडफिल साइटों पर पुराने कचरे के निस्तारण का कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है। भलस्वा, ओखला और ग़ाज़ीपुर जैसे प्रमुख लैंडफिल स्थलों पर अब तक 39 लाख मीट्रिक टन से अधिक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान (रीमेडिएशन) किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में बायो-माइनिंग की कुल दैनिक क्षमता को लगातार बढ़ाया गया है, जो अब 30,000 टन प्रतिदिन (टीपीडी) तक पहुंच गई है। इससे वर्षों पुराने कूड़े के पहाड़ों को समाप्त करने की प्रक्रिया और अधिक तेज़ हुई है।

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