अखिलेश यादव का पुतला फूंकने के मामले में भाजपा सांसद सुब्रत पाठक समेत 10 लोग बरी

कन्नौज,(उत्तर प्रदेश)। कन्नौज भाजपा सांसद सुब्रत पाठक सहित 10 लोगों को अदालत ने एक मामले में साक्ष्य न होने के कारण निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया है। सांसद के खिलाफ कोर्ट ने मामला झूठा पाया और निर्दोष करार देते हुए मामला समाप्त कर दिया‚ जिससे भाजपाइयों में खुशी की लहर दौड़ गई। भाजपाइयों का कहना है कि हम लोगों को 2014 में अखिलेश की सपा सरकार में फर्जी मुकदमों में फसाया गया था। जिसका आज फैसला आया है। मुकदमा झूठा साबित हुआ है।
2014 में अखिलेश यादव की सपा सरकार थी। इस दौरान सुब्रत पाठक सहित उनके अन्य साथियों पर मुख्यमंत्री का पुतला दहन के साथ सड़क जाम करने का मामला दर्ज कराया गया था। यह मुकदमा सपा सरकार में दर्ज कराया गया था, जो न्यायालय में विचाराधीन था। इस मामले में अदालत ने आज सुनवाई करते हुए भाजपा सांसद सुब्रत पाठक सहित सभी लोगों को दोषमुक्त पाया।
अदालत में झूठा साबित हुआ मामला
मामले में पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता अनूप दुबे ने बताया कि एक झूठा मामला प्रशासन ने सपा सरकार के दबाव में 2014 में लिखाया गया था। यह आरोप लगाकर लिखाया गया था कि सुब्रत पाठक ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर तिर्वा क्रासिंग पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पुतला फूंका है। आवागमन अवरुद्ध किया है। यह मुकदमा सुब्रत पाठक सहित 10 लोगों के खिलाफ नामजद लिखाया गया था। साथ ही 40-50 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी लिखाया गया था।
सांसद सुब्रत पाठक सहित 10 लोग नामजद हुए बरी
उन्होंने बताया कि यह मुकदमा सत्ता के दबाव में प्रशासन ने लिखा था। सुब्रत पाठक‚ सौरभ कटियार‚ दीपू ठाकुर‚ प्रभात वाजपेई‚ विक्रम त्रिपाठी‚ छोटू यादव‚ निरंजन त्रिवेदी‚ निहाल वर्मा‚ श्याम जी मिश्रा सहित 10 लोगों के खिलाफ साक्ष्य न होने के कारण न्यायालय ने बरी कर दिया।

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