बैंक कर्ज से परेशान किसान ने मुजफ्फरनगर कलेक्ट्रेट पर किया आत्मदाह का प्रयास

मुजफ्फरनगर/उत्तर प्रदेश। मुजफ्फरनगर मेंं भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर किसानों ने कलक्ट्रेट पर धरना दिया। एमएसपी गारंटी कानून लाने की मांग करते हुए किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकाला। कलक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान किसान एसएसपी कार्यालय का गेट जबरन खुलवाकर ट्रैक्टर सहित भीतर प्रवेश कर गए। बैंक के कर्ज से परेशान एक किसान ने कलक्ट्रेट पर ही मिट्टी का तेल छिड़क आग लगाकर आत्मदाह का प्रयास किया। वहां मौजूद पुलिस और अन्य किसानों ने बचाकर जिला अस्पताल पहुंचाया।
गत 17 फरवरी को किसानों की राजधानी कहे जाने वाले सिसौली किसान भवन पर भाकियू की मासिक पंचायत का आयोजन किया गया था। इसमें एमएसपी गारंटी कानून लाने की मांग करते हुए 21 फरवरी को सभी जिला मुख्यालयों पर किसानों का ट्रैक्टर मार्च और धरना प्रदर्शन का ऐलान किया गया था। बुधवार को भारी संख्या में किसान कलक्ट्रेट पहुंचे। भाकियू अध्यक्ष चौ. नरेश टिकैत की मौजूदगी में किसान धरना दे रहे थे। इसी दौरान एक किसान ने अपनी चादर पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगाकर आत्मदाह का प्रयास किया।
भाकियू जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा ने बताया कि कचहरी में धरने के दौरान गांव जैतपुर गढ़ी निवासी बुजुर्ग किसान ब्रजपाल भी शामिल हुआ था। धरना निपटने के दौरान ही अचानक ब्रजपाल ने अपने कपड़ों पर तेल छिड़क लिया और आग लगा ली। वह चादर ओढ़े हुए था, चादर ने आग पकड़ ली थी, जिसके चलते किसान मामूली तौर से झुलस भी गया। इसे अस्पताल ले जाया गया। बताया कि खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत उसके पास पहुंचे और समझाने के साथ समस्या सुनी। योगेश शर्मा के अनुसार ब्रजपाल पीएनबी बैंक शाखा के अधिकारियों की हरकत से परेशान है।
पीएनबी ने उसको लोन के मामले में नोटिस दिया है, जबकि ब्रजपाल का कहना है कि उसने कोई लोन नहीं लिया है। इस मामले में वो निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कई बार अधिकारियों से भी मिला। इसी तनाव में आज उसने यह कदम उठाया है। फिलहाल पुलिसकर्मी बुजुर्ग किसान को जिला चिकित्सालय लेकर चले गए थे। उधर, भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि उन्होंने शहरवासियों की समस्याओं को देखते हुए बहुत किसानों को रोका है। 17 फरवरी की सिसौली पंचायत में हम बड़ा निर्णय लेने वाले थे, लेकिन इसको टाल दिया गया।



