विकास समाया ग्राम पंचायत के कागज में मजरे परे वीरान, जिम्मेदार मौन
Development is present on the papers of Gram Panchayat, the villages are deserted, the responsible are silent

सत्येंद्र शुक्ला,(फतेहपुर/उत्तर प्रदेश)। खखरेरू थाना क्षेत्र केअंतर्गत ग्राम पंचायत कुल्ली के मजरे मानुपुर ग्राम के ग्राम वासियों के लिए उनके गांव का विकास होना कभी ना पूरे होने वाले एक स्वप्न की भांति बना हुआ है। ग्रामवासी पेयजल,पक्के रास्तों, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित हैं। ग्राम वासियों का कहना है कि यमुना तटवर्ती क्षेत्र होने के कारण हमारा गांव बहुत ही पिछड़ा हुआ है यहां पंचायत के प्रधान या ग्राम पंचायत विकास अधिकारी भी ग्राम वासियों की समस्याओ के समाधान लिए कोई रुचि नहीं रखते हैं। गांव के ज्यादातर रास्ते कच्चे हैं जिनमें नालियों की व्यवस्था न होने के कारण कच्चे रास्तों में गंदा पानी भरा है इन कीचड़ भरे रास्तों से गुजरने के लिए ग्रामीण बेबस है। इन ग्रामीणों के ज्यादातर घर कच्चे बने हुए हैं गरीब ग्रामीणों ने बताया कि उनको घर बनाने के लिए सरकारी सहायता कॉलोनी नहीं मिल पा रही है।
ग्रामीणों का कहना रहा कि सरकार संविधान द्वारा हर एक गांव व मजरे के विकास के लिए पंचायती राज एक्ट के तहत तमाम योजनाएं संचालित की जा रही है परंतु ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी के गैरजिम्मेदाराना और लापरवाहीपूर्ण रवैया के कारण उनके गांव का कोई विकास नहीं हो पा रहा है। सबका कहना रहा कि गांव के रास्तों में खड़ंजा लगाए जाने नाली निर्माण करवाने व शौचालयों के निर्माण कराए जाने की नितांत आवश्यकता है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान पति मूलचंद यादव द्वारा हमारे गांव से सौतेला व्यवहार करते हैं और सरकार की किसी भी योजना का हम गांव वालों को लाभ नहीं देना चाहते हैं, वही सेक्रेटरी अंकित मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ऑनलाइन करें या इस संबंध में आप प्रधान जी से बात करिए।




