गाजियाबाद में 11 साल के मासूम की हत्या, पैर में पत्थर बांधकर सेप्टिक टैंक में फेंका, सौतेली मां हिरासत में

  • गाजियाबाद के मोदीनगर में 11 साल के बच्‍चे की हत्‍या कर दी गई
  • हत्‍या के बाद शव को मकान के ही सेप्टिक टैंक में छिपा दिया गया
  • पुलिस ने शक के आधार पर बच्‍चे की सौतेली मां को हिरासत में लिया है

मोदीनगर/गाजियाबाद। गोविंदपुरी क्षेत्र में तीसरी क्लास में पढ़ने वाले 11 साल के मासूम की हत्या का मामला सामने आया है। उसका शव घर के ही सेप्टिक टैंक में बरामद हुआ है। बच्चे के हाथ-पैर बंधे हुए थे। पुलिस ने संदेह के आधार पर बच्चे की सौतेली मां को हिरासत में लिया है। एसीपी ज्ञान प्रकाश राय के अनुसार, पूछताछ में उसने बच्चे की हत्या कर शव को टैंक में छिपाने की बात स्वीकार कर ली है। उसी ने बच्चे की हत्या करने के बाद उसके पैर चुन्नी से बांध दिए थे। इसके बाद पत्थर बांधकर सेप्टिक टैंक में छिपा दिया था। वह 14 घंटे तक बच्चे के गुम होने का ड्रामा कर पुलिस को गुमराह करती रही। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर पुलिस सेप्टिक टैंक तक पहुंची। पूछताछ में पड़ोसियों ने भी पुलिस को बताया बच्चे और मां के बीच आए-दिन किसी न किसी बात को लेकर झगड़ा होने की जानकारी दी है। हालांकि हत्या के कारणों समेत कई और साक्ष्यों को एकत्र किया जा रहा है।
गोविंदपुरी डबल स्टोरी कॉलोनी में महीपाल किराए के मकान में रहते हैं। उनके दो बेटे राहुल और रोहित हैं। राहुल की वर्ष 2020 में जिला बागपत निवासी रेखा के साथ दूसरी शादी हुई है। रेखा पहले से शादीशुदा होने के साथ एक बेटी (परी) की मां है। राहुल के पास पहली पत्नी राजकुमारी से एक बेटा शब्द (11) था। राजकुमारी और राहुल के बीच वर्ष 2020 में तलाक हो गया था। तलाक के बाद बेटा राहुल के पास और बेटी परी को राजकुमारी अपने साथ ले गई थी।
रविवार दोपहर 3 बजे से था शब्द लापता
परिजन के अनुसार, दोपहर 3 बजे रेखा ने पुत्र शब्द के लापता होने की सूचना राहुल को दी थी। राहुल ने काफी तलाशा, लेकिन कुछ पता नहीं चला। सुराग न लगने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने बालक की गुमशुदगी दर्ज की और तलाश शुरू की। सोमवार दोपहर तीन बजे तक बालक का कोई सुराग नहीं लग सका था।
पुलिस ने जांच के दौरान कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। महीपाल के मकान के सामने लगे कैमरे से सोमवार दोपहर लगभग 4 बजे पता चला कि रविवार दोपहर लगभग 2 बजे बच्चा अपने मकान के अंदर गया है, लेकिन लौटकर नहीं आया। इसके चलते पुलिस को बच्चे के मकान में ही होने का शक हुआ। पुलिस ने मकान की तलाशी ली। इस दौरान पता चला कि मकान का सेप्टिक टैंक ठीक से बंद नहीं है। उस पर केवल लकड़ी के तख्ते रखे हैं। पुलिस ने बांस डालकर सेप्टिक टैंक में देखा तो उसमें बच्चे के होने का शक हुआ। इस पर नगर पालिका के कर्मचारियों को बुलाकर शव को बाहर निकाला गया।
रेखा ने पूछताछ में सिर्फ इतना बताया कि रेखा शब्द को पसंद नहीं करती थी। उसे संपत्ति के बंटवारे का शक था, हो सकता है कि उसने ही उसकी हत्या कर दी हो।
इस पर रेखा से पूछताछ की गई तो उसने जुर्म कुबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर ही सेफ्टी टैंक से बच्चे का शव बरामद किया गया। बाद में पूनम भी टूट गई। उसने बताया कि रेखा ने हत्या में साथ देने के बदले मोटी रकम देने का वादा किया था। उन्हें उम्मीद थी कि सेफ्टी टैंक में शव कुछ दिन में ही गल जाएगा।

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