चंद्रयान-3 की लैंडिंग, चढ़ेगा जी20 का रंग,इस बार खास रहेगी दिल्ली में गणेश चतुर्थी

नई दिल्ली। मंगलवार से एक बार फिर दिल्ली में गणपति बप्पा मोरया की गूंज सुनाई देने लगेगी। दिल्ली में तमाम भक्तों के लिए इस साल का गणपति उत्सव बेहद खास है क्योंकि 2020 में कोरोना महामारी आने के बाद पहली बार सामान्य माहौल में यह त्योहार मनाया जाएगा। यही वजह है कि भगवान गणेश के तमाम भक्त इस बार बहुत खास अंदाज में इस त्योहार को सेलिब्रेट करना चाहते हैं।
गणपति पंडाल में दिखेगा देश का रंग
भारत ने पिछले कुछ दिनों में चंद्रयान 3 की सफल लैंडिंग और G-20 के शिखर सम्मेलन के आयोजन की सफलता पाई है। ऐसे में गणपति उत्सव में भी इनका रंग दिखाई देगा। लक्ष्मी नगर में दिल्ली का महाराजा नाम से गणेश चतुर्थी मनाने वाले श्री गणेश सेवा मंडल के संस्थापक अध्यक्ष महेंद्र लड्डा बताते हैं कि इस साल हमारे गणपति महाराज शेषनाग पर विराजमान होंगे। इसके अलावा हमारे गणेश उत्सव में चंद्रयान 3 की सफल लैंडिंग और G-20 के सफल आयोजन का जश्न भी मनाया जाएगा। हम विचार कर रहे हैं कि इसके लिए हम यान जैसा कुछ बनाएं और हो सकेगा तो G-20 की ओर संकेत करता हुआ भी कुछ बनाएंगे। अभी वह क्या होगा, यह तय नहीं हुआ है, मगर कम से कम बैनर-पोस्टर पर तो उसके संदेश होंगे ही। वहीं इंद्रप्रस्थ के लक्ष्मीबाई नगर में श्री गणेश उत्सव समिति भी इस बार चंद्रयान 3 की सफलता का जश्न मनाएगी। इसके सदस्य अनिल जोशी बताते हैं कि हमारे गणेश जी के मस्तक पर चंद्र धारण होगा। हमने पहले ही अपनी मूर्ति को यह रूप देने का फैसला किया था। वहीं दिल्ली में जश्न मनाने वाले लाल बाग का राजा ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी अनिल वाधवा बताते हैं कि हम अपने पंडाल को इस बार रोमन कैथोलिक स्टाइल के मंदिर में बनाएंगे जो कि सेंट्रली एयर कंडीशंड होगा। वहीं दिल्ली के राजा के सेवादार दीपक भारद्वाज बताते हैं कि गणपति भगवान के लिए सजाए जा रहे अलौकिक दरबार को ऐसा रूप दिया जा रहा है जैसे कि गणपति भगवान महल में विराजमान हों। यह 30-35 फुट चौड़ा और 20-25 फुट गहरा होगा। पंडाल लगभग 90X90 फुट का रहेगा।’
21 फुट की मूर्ति, इटली वाला पिज्जा
गणपति उत्सव में बप्पा की मूर्ति सबसे आकर्षक होती है और तमाम आयोजक इन मूर्तियों पर खास ध्यान देते हैं। इस बार दिल्ली को 21 फुट तक लंबी मूर्ति मिलेगी जो लक्ष्मीबाई नगर में श्री गणेश उत्सव समिति की होगी। अनिल जोशी बताते हैं कि हमारी मूर्ति का साइज लगभग 21 फुट का होगा जो दिल्ली की सबसे बड़ी मूर्तियों में से एक होगी। वहीं लाल बाग का राजा की मूर्ति का साइज भी अच्छा खासा होगा। अनिल वाधवा बताते हैं कि हमारी मूर्ति और मुंबई के मशहूर लाल बाग का राजा मूर्ति एक जैसी होती हैं। हमारी मूर्ति का साइज हर साल लगभग आधा फुट बढ़ा दिया जाता है, तो इस बार हमारी मूर्ति 17.5 फुट की होगी। वहीं गणेश सेवा मंडल की मूर्ति का साइज लगभग 10 फुट का होगा। भक्ति से अलग भक्तों को इन पंडालों में खाने-पीने का लुत्फ उठाने का मौका भी मिलेगा। इसके लिए खास तैयारी की गई हैं। अनिल वाधवा बताते हैं कि हमारे यहां बच्चों के लिए झूले तो लगते ही हैं, साथ ही इस बार हमने कई राज्यों के लोकल फूड के स्टॉल लगाए हैं। खास बात यह है कि इसमें उन राज्यों के ही लोग आकर वहां के लोकल स्वाद के अनुसार डिश तैयार करेंगे। सबसे खास होगा पिज्जा, जिसे तैयार करने के लिए विशेष रूप से इटली से व्यक्ति आएगा और वुडफायर पर इस पिज्जा को तैयार किया जाएगा।

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