जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्राध्यक्षों के जीवनसाथियों के लिए हैं खास इंतजाम, जयपुर हाउस में होगा स्पेशल लंच

नई दिल्ली। जी20 शिखर सम्मेलन के लिए कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और अधिकारी दिल्ली पहुंचेंगे। इसमें भाग लेने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन सहित विश्व भर के कई नेता भारत आने वाले हैं। जी20 सम्मले के लिए आने वाले इन राष्ट्राध्यक्षों के साथ उनके जीवनसाथी भी होंगे। इस आयोजन के साथ ही सभी वीवीआईपी मेहमानों के लिए खाने का भी खास ख्याल रखा गया है। राष्ट्राध्यक्षों के जीवनसाथी के लिए भी दिल्ली में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए है। इसी कड़ी में ऐतिहासिक जयपुर हाउस में दोपहर का भोज यानी लंच का आयोजन किया गया है।
इस दौरान उन्हें भारतीय स्वाद से रूबरू करवाया जाएगा। उन्हें भारत के असली स्वाद को चखाया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि ये लंच बेहद खास होने जा रहा है। इस दौरान मेहमानों को खास व्यंजन भी परोसे जाएंगे। गौरतलब है कि 2023 को भारत में मिलेट्स ईयर के तौर पर मनाया जा रहा है। इसी का स्वरूप जी20 के दौरान परोसे जाने वाले व्यंजनों में भी देखने को मिलेगा। ऐसे में विदेश से आ रहे मेहमानों की थाली में बाजरे से बने व्यंजन भी परोसे जाएंगे। उन्हें स्ट्रीट फूड भी परोसा जाएगा। राष्ट्रीय राजधानी में नौ-दस सितंबर को आयोजित होने वाले शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दुनियाभर के नेता और प्रतिनिधि जुटने वाले हैं।
बता दें कि जी20 शिखर सम्मेलन का आयोजन प्रगति मैदान के नवनिर्मित भारत मंडपम में होना है। एक आधिकारिक सूत्र ने बताया, ‘‘मुख्य शिखर सम्मेलन स्थल पर विशेष प्रदर्शनियों और सांस्कृतिक गतिविधियों के अलावा जयपुर हाउस में नेताओं के जीवनसाथियों के लिए एक कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। जयपुर हाउस में राष्ट्रीय आधुनिक कला गैलरी (एनजीएमए) भी है।’’ एनजीएमए में कलाकृतियों का एक समृद्ध संग्रह है, जिसमें पेंटिंग, मूर्तियां, तस्वीरें आदि शामिल हैं। यह गैलरी संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत आती है। एक अन्य सूत्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘राष्ट्राध्यक्षों के जीवनसाथियों को जयपुर हाउस में विशेष दोपहर भोज दिए जाने का कार्यक्रम है, जिसमें बाजरे से बने व्यंजन परोसे जाएंगे।’’ गौरतलब है कि बाजरा बेहद पौष्टिक मोटा अनाज है और यह पर्यावरण के अनुकूल भी माना जाता है।
बाजरे की खेती के बारे में जानेंगे
सूत्रों ने कहा कि योजना के अनुसार जयपुर हाउस में दोपहर के भोजन से पहले,राष्ट्राध्यक्षों के जीवनसाथी बाजरे की खेती के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए पूसा परिसर का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 2023 को ‘अंतरराष्ट्रीय बाजरा वर्ष’ (आईवाईएम) के रूप में मनाने का प्रस्ताव पेश किया था, जिसे संयुक्त राष्ट्र महासभा ने स्वीकार कर लिया था। मोदी ने कहा था कि उनका दृष्टिकोण आईवाईएम 2023 को ‘‘जन आंदोलन’’ बनाने और भारत को ‘‘बाजरे का वैश्विक केंद्र’’ बनाने का है। कृषि मंत्रालय ने अतीत में कहा था कि वर्तमान में 130 से अधिक देशों में बाजरे की खेती की जाती है और यह अफ्रीका तथा एशिया के 50 करोड़ से अधिक लोगों के पारंपरिक भोजन में शामिल है।

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