झुंझुनूं में पिता की हत्या कर पेट्रोल से जलाया,शव गड्ढे में दबाने का आरोप, दुर्गंध से खुला राज; दोनों बेटे गिरफ्तार

झुंझुनूं के सुलताना में दो बेटों ने घरेलू विवाद के चलते पिता जुगल किशोर की गला घोंटकर हत्या कर दी। शव को पेट्रोल से जलाकर घर के पीछे दबा दिया और पिता के मुंबई जाने की झूठी कहानी गढ़ दी। दुर्गंध आने पर राज खुला, जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी बेटों को गिरफ्तार कर लिया।

झुंझुनूं,राजस्थान। राजस्थान के झुंझुनूं जिले के सुलताना थाना क्षेत्र के तारा का बास गांव में पिता की हत्या कर शव ठिकाने लगाने के आरोप में पुलिस ने उनके दो बेटों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, घरेलू विवाद के चलते दोनों ने कथित तौर पर अपने पिता जुगल किशोर की गला घोंटकर हत्या की। इसके बाद शव को जलाने का प्रयास किया और घर के पीछे गड्ढा खोदकर जमीन में दबा दिया। वारदात छिपाने के लिए दोनों करीब एक सप्ताह तक लोगों को पिता के मुंबई जाने की बात कहते रहे। घर के पीछे से दुर्गंध उठने पर मामले का खुलासा हुआ।
पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह के अनुसार, 17 अक्टूबर को तारा का बास गांव में एक घर के पीछे से दुर्गंध आने की सूचना मिली थी। शिकायतकर्ता के भतीजे ने आसपास जांच की तो जमीन में आधा दबा हुआ क्षत-विक्षत शव दिखाई दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों से पूछताछ के दौरान पता चला कि जुगल किशोर पिछले छह-सात दिनों से लापता थे। शिकायतकर्ता ने उनकी हत्या कर शव जमीन में दबाए जाने की आशंका जताते हुए पुलिस को रिपोर्ट दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह राजावत और चिड़ावा के वृत्ताधिकारी गौरव के पर्यवेक्षण में सुलताना थानाधिकारी रामनिवास के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम में सहायक उपनिरीक्षक नरेश कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों तथा अन्य जानकारियों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रारंभिक जांच में घरेलू विवाद की बात सामने आई है। पुलिस का आरोप है कि इसी विवाद के चलते जुगल किशोर के बेटों शिव (32) और दीपेंद्र (30) ने उनकी गला घोंटकर हत्या की। इसके बाद शव पर पेट्रोल छिड़ककर उसे जलाने का प्रयास किया और घर के पीछे गड्ढा खोदकर दबा दिया। हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच अभी जारी है।
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद दोनों आरोपी ग्रामीणों से कहते रहे कि उनके पिता काम के सिलसिले में मुंबई गए हैं। जब घर के पीछे जमीन में दबे शव के बारे में सवाल उठे, तो उन्होंने उससे अनजान होने की बात कही। उन्होंने कथित तौर पर यह भी दावा किया कि शव किसी अन्य व्यक्ति का हो सकता है, जिसे कोई अज्ञात व्यक्ति वहां दबाकर चला गया हो। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पारंपरिक जांच के जरिए घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ते हुए दोनों से पूछताछ की, जिसके बाद उनकी कथित भूमिका सामने आई।
जांच में यह भी सामने आया कि जुगल किशोर पहले मुंबई में रहकर फर्नीचर का काम करते थे और उनके दोनों बेटे भी मुंबई में रहते थे। करीब एक साल पहले जुगल किशोर गांव लौट आए थे। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी मूल रूप से तारा का बास गांव के निवासी हैं और वर्तमान में महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भाईंदर ईस्ट क्षेत्र में रह रहे थे।
पुलिस का कहना है कि गठित टीम ने करीब 48 घंटे की जांच के दौरान मामले के अहम पहलुओं का पता लगाया। शिव और दीपेंद्र को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। उनसे हत्या के कारणों, वारदात में उनकी भूमिका और शव को ठिकाने लगाने से जुड़े घटनाक्रम के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है। दोनों आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button