प्रधानमंत्री मुद्रा लोन के नाम पर पंपलेट चस्पा कर ठगी

कानपुर,(उत्तर प्रदेश)। कानपुर से हैरान करने वाली घटना प्रकाश में आई है। सोमवार को कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने मुद्रा लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। चौबेपुर पुलिस और सर्विलांस की टीम ने गिरोह के 8 सदस्यों को अरेस्ट किया है। इस गैंग के सदस्य मुद्रा लोन दिलाने के नाम पर दीवारों पर पंपलेट चस्पा करते थे। पकड़े गए आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में कैश, फर्जी दस्तावेज, मोबाइल फोन और सिम बरामद हुए हैं। पुलिस की टीम पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
चौबेपुर थाने की पुलिस, सर्विलांस, स्वाट टीम, साइबर सेल ने मिलकर मुद्रा लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आलोक सिंह, तनिष्क कटियार, रजत कटियार, राहुल, लोकेंद्र प्रताप सिंह, गोपीचंद्र, प्रेम कुमार, समद्धि सिन्हा को पकड़ा है। पुलिस इन सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि कानपुर और उसके आसपास के जिलों कानपुर देहात, चित्रकूट, बांदा, हरदोई, पीलीभीत, मिर्जापुर समेत कई शहरों में सार्वजनिक स्थानों पर फर्जी पंपलेट चस्पा करवाते थे। इसके बाद जिन्हें मुद्रा लोन की जरूरत होती थी, वो लोग पंपलेट पर दिए गए मोबाइल नंबरों पर संपर्क करते थे। इसके बाद भोलेभाले लोगों को झांसे में लेकर अपने कई खातों में पैसा मंगा लेते थे। फर्जी दस्तावेज तैयार कर मुद्रा लोन के आकांक्षी लोगों को भेज देते थे। इस तरह से कई लोगों के साथ लोन के नाम पर ये गैंग लाखों की ठगी कर चुका है।
अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य मुद्रा लोन के जरिए ठगी से कमाए पैसों को जमीनों की खरीद फरोख्त में फंसाते थे। इसके बाद सस्ती दरों पर खरीदी जमीन को कुछ साल बाद बेंच देते थे। इनके पास से 1,23,000 कैश मिला है। इसके साथ ही 15 स्मार्ट फोन, 10 मोबाइल की पैड, लैपटॉप, पांच चेकबुक, क्यूआर कोड, 15 एटीएम, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, आधार कार्ड, पहचानपत्र, एक एकड़ जमीन औरैया में खरीदी गई है, 10 लाख का प्लाट सिंहपुर में, 25 सिम समेत कई तरह की सामाग्री बरामद हुई है।




