‘सोने’ सी चमकी पुलिसवालों की ईमानदारी, ट्रेन में मिली 3 लाख की चेन मालिक को लौटाई
Honesty of policemen shines like gold, returned chain worth Rs 3 lakh found in train to its owner

सहारनपुर/उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश एसटीएफ की आगरा यूनिट के दो पुलिसकर्मियों ने अपनी ईमानदारी से हर किसी का दिल जीत लिया है। इंसानियत पर विश्वास और मजबूत करने वाले उनके काम की हर कोई सराहना कर रहा है। दरअसल, दोनों इंदौर-अमृतसर एक्सप्रेस ट्रेन से सहारनपुर जा रहे थे। इसी दौरान उन्हें ट्रेन में किसी की सोने की चेन गिरी पड़ी मिली। 50 से 60 ग्राम वजनी उस चेन की कीमत कम से कम 3 लाख रुपये होगी। चेन मिलने के बाद दोनों ने एक कोच से दूसरे कोच में जाकर उसके मालिक की तलाश की। बाद में टीटीई की मदद से उन्होंने उस व्यक्ति को खोज निकाला, जिसकी यह चेन थी। इस घटना के बारे में सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर सचिन कौशिक नाम के एक पुलिसकर्मी ने शेयर किया है। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘एसटीएफ की आगरा यूनिट के इंस्पेक्टर यतीन्द्र शर्मा और हेड कान्स्टेबल अंकित गुप्ता सरकारी काम से इंदौर-अमृतसर ट्रेन से सहारनपुर जा रहे थे। रात में लगभग 9 बजे जब वो वॉशरूम गए तो वॉशरूम के बाहर उन्हें एक गोल्ड चेन पड़ी मिली। वहां कोई मौजूद नहीं था। जब वे उसे लेकर अपने कोच में आए तो हेड कॉन्स्टेबल अंकित गुप्ता को बताया कि ये चेन मिली है। इसका वजन भी करीब 40 से 50 ग्राम लग रहा है। ये जिसकी भी होगी, वो बहुत परेशान होगा। अंकित और इन्स्पेक्टर साहब बगल वाले कोच में यात्रियों से पूछने गए लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।’
सचिन ने आगे लिखा, ‘ट्रेन जब दिल्ली पहुंची तो इंस्पेक्टर साहब और अंकित गुप्ता उससे भी अगले कोच के गेट पर खड़े होकर उतरने वाले यात्रियों से पूछने लगे। किसी यात्री ने तो नहीं बताया लेकिन टीटीई ने उनकी बात सुन ली। उन्होंने बताया कि एक यात्री ने मुझे कहा था कि मेरी गले की चेन कहीं गिर गई है। वो शायद अगले वाले कोच में बैठे हैं। दोनों लोग अगले कोच में गए और पूछा तो चेन के मालिक मिल गए। बहुत घबराए और परेशान थे। उन्हें बताया कि आपकी चेन मेरे पास है, लेकिन आप कोई ऐसा सबूत दिखा दीजिए जिससे मुझे यकीन हो जाए कि चेन आपकी ही है।’ गोपाल नाम के व्यक्ति को जब उनकी चेन वापस मिली तो वे काफी खुश नजर आए। उन्होंने दोनों पुलिसकर्मियों का आभार व्यक्त किया। सोने की चेन लौटाते हुए यतींद्र शर्मा ने कहा कि उनके लिए तो यह मिट्टी जैसा है। इस दौरान ट्रेन में मौजूद लोग पुलिस वालों की ईमानदारी के कायल हो गए।




