दिल्ली में फुटपाथ ढूंढते रह जाओगे, अतिक्रमण से नहीं राहत

नई दिल्ली। दिल्ली में बस स्टैंस से लेकर सड़कें, सड़कों से फुटपाथ सब अतिक्रमण के शिकार हैं। दिल्ली की बहुत सी सड़के हैं, जहां फुटपाथ है, तो लेकिन आप उस पर फुट यानी पैर तक नहीं रख सकते। पैदल चलने वालों के लिए बनाए गए फुटपाथ पर कहीं अवैध पार्किंग बनी है, तो कहीं बाज़ार लग रहा है। अतिक्रमण की वजह से खूब चौड़ी सड़कों पर भी आने-जाने के लिए कम जगह बचती है। लम्बा जाम लगता है। यही हाल फुटपाथ का है। फुटपाथ पर अतिक्रमण से लोगों को मेन रोड पर चलना पड़ता है, जिससे हादसे का डर रहता है।
फुटपाथ पर लग रहा बाज़ार
उत्तरी दिल्ली के लाल किला और चांदनी चौक क्षेत्र में जहां नजर घुमाओ, वहां अतिक्रमण देखने को मिलता है। फुटपाथ पर तो बाजार लग ही रहा है। बसों के जाने के लिए बनी सर्विस रोड पर भी हमेशा गाड़ियां खड़ी रहती हैं। यह पूरा क्षेत्र नगर निगम की ओर से नो हॉकिंग जोन घोषित है, लेकिन फिर भी यहां सड़क और फुटपाथ पर अवैध पटरियां लगती हैं, जिससे आने-जाने वाले लोगों को बहुत परेशानी होती है। चांदनी चौक की मेन रोड पर और दिगंबर जैन लाल मंदिर के पीछे बनी दुकानों के दुकानदार भी अपनी दुकान का माल 5-10 फीट तक फुटपाथ पर आगे बढ़ाकर लगाते हैं, जिससे राहगीरों के आने-जाने के लिए सिर्फ 3-5 फीट जगह ही बचती है।
अवैध पार्किंग भी कम नहीं
पूर्वी दिल्ली के शाहदरा जिले में आने वाले झील-खुरेजी रोड के फुटपाथ, सर्विस रोड और यहां तक कि मेन रोड पर भी वाहनों की अवैध पार्किंग रहती है। एक्टिविस्ट गोपाल चौहान ने बताया कि यहां वाहनों की खरीद-फरोख्त होती है। वाहनों को बाहर रोड पर ही खड़ा किया जाता है, जिससे फुटपाथ तो क्या लोगों के लिए सड़क पर भी चलने की जगह नहीं बचती। कई झुग्गी वालों ने भी फुटपाथ पर कब्जा कर लिया है। पहले इनकी संख्या कम थी, लेकिन अब बढ़ती ही जा रही है। कई झुग्गियों में तो एसी तक लगे हुए हैं। एमसीडी और दिल्ली पुलिस को इनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
उत्तर पूर्वी दिल्ली के फुटपाथ भी कब्जे में
यही हाल उत्तर-पूर्वी दिल्ली की भजनपुरा मार्केट का भी है। यहां भी दुकानदारों ने फुटपाथ पर आगे बढ़कर दुकानें लगा रखी हैं। मार्केट में बीच सड़क पर ही रेहड़ी वालों का जमावड़ा है। फुटपाथ पर पटरी वाले रहते हैं। शाम के समय लोगों का मार्केट से निकलना मुश्किल हो जाता है। स्थानीय निवासी पवन ने बताया कि कुछ दिनों पहले पीडब्ल्यूडी ने अवैध कब्जा बताकर बस स्टैंड के पास स्थित 2 धार्मिक स्थलों को तोड़ दिया, लेकिन उसी के पीछे रोड तक आगे बढ़ाकर दुकानें लगाई जाती हैं और रेहड़ियों का जमावड़ा रहता है। इनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। प्रशासन को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए।




