बस ड्राइवर बना दिल्ली पुलिस का फर्जी दारोगा, रौब दिखाकर उगाही करता था मोटी रकम

गाजियाबाद। जिले की क्राइम ब्रांच की टीम ने दिल्ली पुलिस का फर्जी दारोगा बन उगाही करने वाले एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित कभी क्राइम ब्रांच का अधिकारी तो कभी दिल्ली पुलिस का दारोगा बन लोगों पर रौब गालिब करता था। पुलिस ने इसके पास से पांच पुलिस की वर्दी, दिल्ली पुलिस का फर्जी आइकार्ड व अन्य सामान बरामद किया है।
रकम लेकर रफा-दफा करता था मामला
आरोपित दिल्ली व लोनी क्षेत्र में विवादित प्रॉपर्टियों के मामलों को मोटी रकम लेकर रफा-दफा करता था। क्राइम ब्रांच का फर्जी अधिकारी बन कर उगाही करने में लोनी पुलिस उसे दो साल पूर्व गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
एडीसीपी क्राइम सच्चिदानंद ने बताया कि पकड़ा गया आरोपित बागपत के खेकड़ा के गांव गोठरा का रहने वाला योगेश कुमार शर्मा है। योगेश मूलरूप से शामली के गांव कंडेला का रहने वाला है। योगेश पुलिस की वर्दी का रौब दिखाकर दिल्ली, लोनी, लोनी बार्डर और ट्रोनिका सिटी क्षेत्र में विवादित जमीनों पर कब्जा कराने और कब्जा छुड़ाने का काम करता था।
डरा-धमका भी करता था फैसला
इसके अलावा अन्य विवादित मामलों में डरा-धमका कर फैसला कराता था। जिसकी एवज में वह लोगों से मोटी रकम वसूलता था। एडीसीपी ने बताया कि पकड़ा गया आरोपित योगेश शर्मा हाईस्कूल पास है। पेशे से वह बस चालक है। पूर्व में वह दिल्ली में प्राइवेट बस चलाता था। बस बंद होने के बाद उसने कर्जा लेकर अपनी बस बना ली थी, लेकिन इसमें भी उसे घाटा हुआ और उसपर मोटा कर्जा हो गया था।
कर्जदारों से बचने के लिए भाग गया था हरिद्वार
कर्जदारों से बचकर वह हरिद्वार भाग गया था। वह हरिद्वार के सतसंग आश्रम में तीन साल रहा। यहां से लौटकर वह इंदिरापुरम आ गया और एक ट्रैवल एजेंसी की बस चलाने लगा। पुलिस का कहना है कि आरोपित के गलत कार्यों के कारण उसकी पत्नी भी छोड़कर चली गई थी। क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुर रहमान सिद्दीकी ने बताया कि आरोपित योगेश अपना कर्ज उतारने के लिए दिल्ली पुलिस का दारोगा बनकर उगाही कर रहा था।
पुलिसवर्दी और फर्जी आईकार्ड बनवाया
इसके लिए उसने पांच जोड़ी पुलिस की वर्दी बनवाई और एक फर्जी आईकार्ड बना लिया था। अपने गांव गठोरा में भी उसने लोगों को बता दिया था कि वह दिल्ली पुलिस में दारोगा बन गया है। उगाही के इस धंधे में आरोपित का एक साथी भी शामिल है। दोनों मिलकर पिछले 2-3 सालों से अवैध धंधा कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि योगेश कई बार सादे कपड़ों में क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर विवादित जमीनों पर जाता था। पूर्व में वह क्राइम ब्रांच का फर्जी अधिकारी बनकर लोगों से उगाही कर चुका है। जिसके चलते लोनी पुलिस ने उसे मार्च 2021 में गिरफ्तार कर जेल भेजा था।




