बेटी की जगह मां बन गई दुल्हन,कमरे में घुसी पुलिस तो हैरान करने वाला सच आया सामने

मालवा,(मध्य प्रदेश)। घर में शादी की पूरी तैयारी हो गई थी। थोड़ी देर बाद बारात आने वाली थी। उससे पहले घर में पुलिस पहुंच गई तो मां अपनी बेटी की जगह दुल्हन बनकर कमरे में बैठ गई। यह पूरा मामला एमपी के आगर मालवा जिले का है, जहां अक्षय तृतीया के दिन एक नाबालिग की शादी हो रही थी। यह शादी उसकी मां करवा रही थी। बच्ची की उम्र 12 साल है। शादी की खबर मिलने के बाद बच्ची के पिता ने पुलिस को इसकी सूचना दे दी। इसके बाद इस बाल विवाह को रुकवाने पुलिस पहुंच गई।

दरअसल, पति से विवाद के बाद महिला ने अपनी बच्ची के साथ सुसनेर थाना क्षेत्र के मेहंदी गांव में रहती है। अक्षय तृतीया के दिन वह अपनी बच्ची की शादी करवा रही थी। बच्ची की उम्र अभी 12 साल है। शादी में उसके मायके के लोग साथ दे रहे थे। बच्ची इस शादी के लिए तैयार नहीं थी। इसके बावजूद मां शादी की जिद पर अड़ी थी। बेटी की शादी की खबर पिता को मिली।

बेटी की शादी की जानकारी मिलते ही पिता ने सुसनेर पुलिस को सूचना दी। साथ ही बाल विवाह रुकवाने की गुहार लगाई। इसके बाद सुसनेर एसडीओपी पल्लवी शुक्ला और टीआई विजय सागरीय अपनी टीम को लेकर मेहंदी गांव पहुंचे। शादी वाले घर में पुलिस पहुंचने की सूचना मिल गई थी। इसके बाद मेहमान इधर-उधर हो गए। साथ ही नाबालिग दुल्हन को भी गायब कर दिया।

पुलिस को चकमा देने के लिए नाबालिग की मां ने स्वांग रचा। वह खुद ही कमरे में दुल्हन बनकर बैठ गई। जूलरी और शादी के जोड़े में मां दुल्हन के कमरे में बैठ गई। पुलिस जब वहां पहुंची तो मां ने कहा कि मेरी ही शादी है। ऐसे में पुलिस हैरान रह गई। पुलिस को लगा कि किसी ने गलत सूचना दे दी है। हालांकि पुलिस को महिला की उम्र देखकर शक हो रहा था कि मामले में कोई झोल है।

इस बीच पुलिस ने शिकायत करने वाले शख्स को बुलाया। वह महिला का पति था। कमरे में पहुंचने पर पति ने महिला की पहचान कर ली। पति ने कहा कि यह दुल्हन नहीं है। यह तो मेरी पत्नी है। इसके बाद महिला का स्वांग रचना फेल हो गया है। पुलिस ने दुल्हन बनी मां को हिरासत में ले लिया। उसके बाद सुसनेर थाना लेकर पहुंची।

सुसनेर टीआई ने बताया कि हमलोग वहां नाबालिग बच्ची की तलाश कर रहे थे। दुल्हन के कमरे में वह महिला हमें बैठी मिली थी लेकिन देखने में वह व्यस्क लग रही थी। इसके बाद दुल्हन के पिता को बुलाकर हमने वेरिफाई करवाया तो पता चला कि यह उसकी मां है। उसे समझाइश देकर थाने से छोड़ दिया गया है। साथ ही 12 वर्षीय बच्ची बालिका वधू बनने से बच गई है। गौरतलब है कि भारत में लड़कियों की शादी की उम्र 18 साल है।

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