कानपुर पुलिस ने शुरू की तोते के मौत की जांच,वेटनरी डॉक्टर पर लापरवाही का मामला

कानपुर,(उत्तर प्रदेश)। कानपुर में एक तोते की मौत का मामला गरमा गया है। तोते की मौत के मामले में पुलिस ने डॉक्टर की लापरवाही के एंगल से जांच शुरू की है। मामला तब गरमाया जब सोशल मीडिया पर यह मामला वायरल होने लगा। सोशल मीडिया पर रिपोर्ट वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया है। इसमें कहा गया है कि कथित लापरवाही के कारण एक तोते की मौत हो गई। स्थानीय पुलिस ने इस घटना में शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया था। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद अब इस मामले की जांच शुरू की गई है।

कानपुर के जूही इलाके में शमशाद अहमद नाम के व्यक्ति के घर की छत पर 10 मार्च को तोता पड़ा मिला था। वह बीमार लग रहा था। बीमार तोते को लेकर शमशाद हनुमंत विहार स्थित एक पालतू पशु हॉस्पिटल में पहुंचा। शमशाद का कहना है कि वेटनरी डॉक्टर ने तोते को ब्लोअर के सामने रख दिया। बाद में तोते को शमशाद अपने घर ले गया। वेटनरी डॉक्टर ने जो दवा बताई, उसे खिलाया। इसी बीच 16 मार्च को तोते की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।

तोते की मौत से शमशाद आक्रोशित हो गया। वह डॉक्टर के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कराने स्थानीय थाने पहुंचा। शमशाद का आरोप है कि वहां उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। उसकी शिकायत सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी। इसके बाद पुलिस के आलाधिकारियों की इस पर नजर गई। निर्देश पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

शमशाद का आरोप है कि जब उन्होंने पशु चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें थाने से बाहर कर दिया। पुलिस तभी सक्रिय हुई जब उसने पूरे प्रकरण को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। उन्होंने शमशाद से संपर्क किया और जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया।

पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। शमशाद की शिकायत को संज्ञान में लिया गया है। उन्होंने शमसाद को भी इस संबंध में जानकारी दी। वहीं, तोते की जांच करने वाले वेटनरी डॉक्टर का बयान सामने आया है। वेटनरी डॉक्टर अश्विनी सिंह ने कहा कि तोता हाइपोथर्मिया का शिकार हो गया था। उसकी हालत बहुत खराब थी। इलाज के बाद उसे वापस भेजा था।

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