नोएडा में बैठकर दुनियाभर में युवतियों को ठगने वाले 6 विदेशी गिरफ्तार

नोएडा। डेंटिंग ऐप पर फेक प्रोफाइल से दुनियाभर में महिलाओं और युवतियों को फंसाकर ठगने वाले विदेशियों का एक गैंग सेक्टर-20 थाना पुलिस ने पकड़ा है। ऐप पर चैटिंग शुरू होने के बाद ये खुद को एनआरआई और डॉक्टर इंजीनियर के साथ अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस में सेटल बताते थे। इसके बाद रिलेशनशिप या शादी का झांसा देकर अपनी बातों में फंसा लेते थे। फिर गिफ्ट भेजने और वह गिफ्ट एयरपोर्ट पर कस्टम डिपार्टमेंट के पकड़े जाने या खुद मिलने आने और करोड़ों की करेंसी पकड़े जाने का झांसा देकर रकम अकाउंट में ट्रांसफर करवा लेते थे। पकड़े गए आरोपियों में पांच युवक दक्षिण अफ्रीका मूल के तो एक महिला भूटान की निवासी है। ये यहां यमुना अथॉरिटी एरिया की एक सोसायटी में फ्लैट किराये पर लेकर रह रहे थे। जांच में अब तक जो तथ्य सामने आए हैं उसने यह अनुमान लगाया जा रहा है कि ये गैंग अब तक 300 से अधिक लोगों से ठगी कर चुका है।
पुलिस कार्रवाई की जानकारी डीसीपी नोएडा हरीश चंदर ने रविवार को प्रेस-कांफ्रेंस कर दी। डीसीपी ने बताया कि कुछ दिन पहले सेक्टर-20 थाने में एक युवती ने केस दर्ज करवाया था। युवती का इनमें से एक ठग ने खुद को प्लास्टिक सर्जन बताकर झांसे में लिया था। ये बताया था कि वो मिलने के लिए आ रहा है। फिर दो दिन बाद गैंग में शामिल महिला ने फोन कर युवती को बताया कि वह कस्टम डिपार्टमेंट से बोल रही है। एक व्यक्ति जो नीदरलैंड से मिलने आ रहा था उसके पास से 80 हजार यूरो मिले हैं। इसे यहां छुड़वाने के लिए 40 हजार रुपये फीस के तौर पर जमा करने होंगे। फिर ट्रांजैक्शन फेल होने और बाद में पैसा वापस आने का झांसा देकर 3 बार में यह रकम डलवाई गई थी।
थाना पुलिस ने जांच शुरू की और फिर कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए इस गैंग तक पहुंची। पकड़े गए आरोपियों की पहचान नाइजीरिया के ओकोली स्टीफन, ओकोसिन्धी माईकल,उमादी रोलैंड, ओकोली डेनियल, ओकोली प्रोसपर और भूटान की रहने वाली महिला कुन्जंगमो के रूप में हुई है। कुंन्जंगमो ने नाइजीरिया के रहने वाले हैनरी से शादी की है, इस कारण यह भी नाइजीरिया के लोगों के साथ यहां रह रही थी।

हैनरी कुछ दिनों पहले ही नाइजीरिया गया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से 3 लैपटॉप, 17 मोबाइल फोन, एक इंटरनेट डोंगल, तीन पासपोर्ट, एक स्कूटी और 40860 रुपये भी बरामद किया है। वहीं, स्टेट बैंक के एक खाते में एक लाख 25 हजार रुपये धनराशि पुलिस ने फ्रीज करवाई है। एडीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि आरोपी दनकौर की सुपरटेक अपकंट्री सोसायटी में फ्लैट किराये पर लेकर रह रहे थे। छह से आठ माह पहले यहां शिफ्ट हुए थे। इससे पहले ये लोग दिल्ली में रह रहे थे। ठगी का यह रैकेट दो साल से चला रहे थे। पुलिस से बचने के लिए ये दिल्ली-एनसीआर में अपना ठिकाना बदलते रहते थे। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह साल 2021 में एजुकेशन व मेडिकल वीजा पर भारत आए थे। किसी की 6 महीने तो किसी के वीजा की अवधि 9 महीने में समाप्त हो गई है। इसके बाद ये वापस नहीं लौटे।

एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि आरोपी अलग-अलग डेटिंग ऐप पर फेक प्रोफाइल बनाते थे। कभी फिजिशियन डॉक्टर, कभी प्लास्टिक सर्जन तो कभी बिजनेसमैन बनकर भारत समेत पुर्तगाल, स्वीडन, नीदरलैंड मूल की महिलाओं से दोस्ती कर ठगी के जाल में फंसाते थे। दूसरे देश की भी दर्जनों महिलाओं और युवतियों को भी इस गैंग से ठगे जाने की जानकारी हुई है।आरोपी बातचीत को सरल बनाने के लिए गूगल ट्रांसलेटर की मदद लेते थे। भूटान निवासी महिला सहयोगी कभी कस्टम अधिकारी बनकर पैसे के लिए कॉल करती थी व खाते में पैसे ट्रांसफर कराती थी। ये ठगी की रकम अपने देश में खुले अकाउंट में विभिन्न माध्यम से भेज रहे थे।

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