पीएम मोदी ने किया दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे का उद्घाटन, आधुनिक कनेक्टिविटी से मिलेगा पर्टयन को बढ़ावा

नेशनल डेस्क। छह राज्यों से होकर गुजरने वाले देश के सबसे बड़े दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने औपचारिक उद्घाटन कर दिया है। राजस्थान के दौसा में दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे के सोहना दौसा खंड का उद्घाटन कर प्रधानमंत्री ने इसे देश को सौंपा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्राइट कॉरिडोर राजस्थान और देश की प्रगति में मजबूत स्तंभ बनेंगे।

उन्होंने कहा कि इन दोनों प्रोजेक्ट्स की मदद से आने वाले दिनों में राजस्थान की पूरी तस्वीर बदलेगी। ये विकसित होते भारत की नई तस्वीर है। ऐसी आधुनिक सड़कों से देश का विकास होता है। दुनिया के कई अध्ययनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर में लगाई गई राशि के जरिए कई गुणा निवेश को आकर्षित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि केंद्र सराकर बीते नौ वर्षों से इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी राशि खर्च कर रही है। बजट में सरकार ने वर्ष 2014 से पांच गुणा बढ़ाकर 10 लाख करोड़ रुपये की राशि इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करने के लिए रखी है।

बता दें कि दिल्ली-दौसा-लालसोट के बीच इस एक्सप्रेस वे से दिल्ली से जयपुर तक जाने का समय आधा हो जाएगा। जयपुर तक का सफर अब 5 घंटे से घटकर 3 घंटे में पूरा होगा। इस एक्सप्रेस वे के जरिए सिर्फ राजस्थान को ही नहीं बल्कि मप्र, महाराष्ट्र और गुजरात को भी लाभ होगा। ये एक्सप्रेस वे बंदरगाहों, लॉजिस्टिक पार्क को भी जोड़ने में मदद करेगा। ये आर्थिक विकास को भी काफी बढ़ावा देने में मददगार होगा।

जानकारी के मुताबिक दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे का दिल्ली-दौसा-लालसोट सेक्शन 246 किलोमीटर लंबा है, जिसे 12,150 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेस-होगा, जिसकी कुल लंबाई 1,386 किलोमीटर है। इसके बन जाने से दिल्ली और मुम्बई के बीच की यात्रा दूरी में 12 प्रतिशत की कमी आयेगी और सड़क की लंबाई 1,424 किलोमीटर से कम होकर 1,242 किलोमीटर रह जायेगी। यात्रा के समय में भी 50 प्रतिशत की कमी आयेगी; पहले जहां 24 घंटे लगते थे, वहीं अब 12 घंटे लगेंगे।

इसके अलावा जेवर एयरपोर्ट, नवी मुम्बई एयरपोर्ट और जेएनपीटी पोर्ट जैसी निर्मित होने वाली ग्रीनफील्ड अधोसंरचनाओं को भी फायदा पहुंचेगा। इस एक्सप्रेस-वे से आसपास के सभी क्षेत्रों की विकास-दिशा पर निर्णायक सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इस तरह देश के आर्थिक बदलाव में इसका महत्त्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित होगा।

अपने कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री 247 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की भी आधारशिला रखी, जिन्हें 5940 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया जाना है। इन परियोजनाओं में 2000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित होने वाला बांदीकुई से जयपुर का 67 किमी लंबा चार लेनों वाला शाखा-मार्ग, लगभग 3775 करोड़ रुपये से विकसित होने वाला कोटपुतली से बाराओदानियो और लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाले लालसोट-करोली सेक्शन के दो लेन वाले पक्के किनारे (पेव्ड शोल्डर) शामिल हैं।

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