मधु विहार थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर की खुदकुशी मामले में आया नया मोड़, एसआई के भाई ने एसएचओ पर लगाया टॉर्चर का आरोप

नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के मधु विहार थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर गणेश कुर्ना की खुदकुशी के मामले में तब नया मोड़ आ गया, जब उनके भाई ने पुलिस कंट्रोल रूम में कॉल करके एसएचओ पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके भाई को एसएचओ टॉर्चर करता था, जिससे परेशान होकर उन्होंने सुसाइड कर लिया। कॉलर ने यह भी कहा कि पुलिस उसका ठीक से बयान तक नहीं ले रही है। कॉल दर्ज होते ही आला अधिकारी हरकत में आ गए। एअडिशनल डीसीपी ईस्ट कॉलर के पास पहुंचे और शिकायत देने के लिए कहा। उन्हें आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर एक्शन लिया जाएगा। आज सुबह खबर लिखे जाने तक परिजन गणेश की बॉडी लेकर हैदराबाद लौट चुके थे। अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही थी।
गणेश के बड़े भाई चंद्रशेखर ने बताया कि वह खुद हैदराबाद पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं। खुदकुशी के केस भी देखते हैं, मगर इतनी लापरवाही बरतते हुए उन्होंने किसी जांच अधिकारी को नहीं देखा, जितनी उनके भाई की खुदकुशी के मामले में जांच अधिकारी ने बरती। दरअसल उनका आरोप है कि जांच अधिकारी ने सिर्फ उनका चार लाइन का बयान दर्ज किया, वह भी हिंदी में। वह अंग्रेजी में पूरा बयान देना चाहते थे, क्योंकि वह हिंदी अच्छे से नहीं जानते। लेकिन जांच अधिकारी सुनने के लिए तैयार नहीं था। ऐसे में उनके पास पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था।
गाली देता था एसएचओ, जिम भी छुड़वाया
चंद्रशेखर के अलावा उनकी मां इंदिरा ने भी बात की। इंदिरा ने रोते हुए आरोप लगाया, एसएचओ हर समय बेटे को परेशान करता था। वह जो भी काम करता था तो एसएचओ कहता था कि ऐसा क्यों किया और वैसा क्यों किया। यही नहीं आरोप है कि एसएचओ गालियां भी देता था। उसने गणेश का जिम तक छुड़वा दिया था। वह हर समय ड्यूटी पर लगाए रखता था। चंद्रशेखर ने कहा कि 20 दिन पहले वह पहली बार छुट्टियां लेकर पत्नी के साथ पांच दिनों के लिए भाई के पास दिल्ली आए थे। इन पांच दिनों में वह बस लौटने वाले दिन ही दो घंटे अपने भाई गणेश से मिल पाए थे। आरोप है कि गणेश से जब भी बात होती थी, वह एसएचओ के टॉर्चर की बात करता था। गणेश के बैचमेट और आस-पास रहने वाले लोगों से भी चंद्रशेखर को यही बात पता चली है।
चंद्रशेखर का कहना है कि माता-पिता 29 फरवरी को ही हैदराबाद आए थे। उस दिन गणेश की नाइट ड्यूटी थी। 1 मार्च की सुबह गणेश की ड्यूटी खत्म हुई। यह उनके भाई की आखिरी ड्यूटी थी। उस दिन परिजन व्यस्त होने के कारण गणेश को फोन नहीं कर पाए। 2 मार्च की सुबह 8 बजे से मां इंदिरा ने गणेश को फोन करना शुरू किया। पर्सनल फोन उठा नहीं, दूसरा फोन बंद था। रात 8 बजे उन्होंने बड़े बेटे को यह बात बताई। चंद्रशेखर ने लोकेशन चेक करके पुलिस को कॉल की तब जाकर खुदकुशी का पता चला। चंद्रशेखर का कहना है कि उनका भाई दो दिन तक थाने नहीं गया था। इसके बावजूद पुलिसवालों ने उसकी कोई सुध नहीं ली। तमाम आरोपों पर एसएचओ मधु विहार का कहना है कि वह कुछ नहीं बोलना चाहते।

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