यूरोप की पहली पसंद बनी कानपुर में बनी मशीनगन

1 मिनट में 1000 गोलियां, 1.8 किलोमीटर मारक क्षमता, 11 किलो वजन

  • यूरोपीय देश की ओर से 2000 एमएमजी का ऑर्डर, चल रहा निर्माण कार्य
  • स्माल आर्म्स फैक्ट्री ने तीन सालों में ऑर्डर को पूरा कराने का किया है करार
  • 1800 से 2000 मीटर दूर खड़े दुश्मनों को ढेर कर सकता है एमएमजी

कानपुर/उत्तर प्रदेश। कानपुर में तैयार मशीन गन की मांग यूरोप में बढ़ी है। स्माल आर्म्स फैक्ट्री की ओर से इस मीडियम मशीन गन को डेवलप किया गया है। अपनी खासियत के कारण यह मशीन गन कई देशों की पसंद बनता जा रहा है। मैदानी युद्ध में यह मशीन गन एक कारगर हथियार है। सैनिकों के बीच आमने-सामने की लड़ाई में यह मीडियम मशीन गन गेमचेंजर साबित हो सकता है। एक मिनट में एक हजार गोलियां दागने की क्षमता इस मशीन गन को खास बनाती है।यूरोप ने इस मशीन गन की मांग की है। इसको लेकर स्माल आर्म्स फैक्ट्री में एमएमजी का उत्पादन शुरू कर दिया गया है। स्माल आर्म्स फैक्ट्री को अगले तीन सालों में 2000 एमएमजी का निर्माण कर यूरोप को डिलीवर करना है। इसको लेकर रक्षा मंत्रालय के डीपीएसयू एडब्लूईआईएल की रक्षा उत्पादन इकाई ने निर्यात ऑर्डर के लिए काम करना शुरू कर दिया है।
एमएजी की खासियत हैरान करने वाली है। 11 किलोग्राम वजन की यह मशीन गन एक मिनट में 1000 गोलियां दागने की क्षमता रखती है। 1.8 किलोमीटर यानी 1800 मीटर तक यह दुश्मनों का खात्मा कर सकती है। यूरोप से स्माल आर्म्स फैक्ट्री को अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर मिला है। यूरोपीय देश से दिसंबर 2023 में एग्रीमेंट साइन हुआ था। अब हथियारों का उत्पादन तेज हो गया है।
एमएजी की विशेषताओं में इसका बैरल भी है। बैरल का वजन 3 किलोग्राम है। इस मशीन गन की लंबाई 1255 एमएम है। यह 1800 से 2000 मीटर दूर खड़े दुश्मन पर सटीक निशाना लगाने में सक्षम है। इस गन की कैलिबर 7.62 गुणा 51 एमएम है। इसलिए, यह कई सेना की पसंद बनता जा रहा है। एमएमजी का ऑर्डर लगातार बढ़ रहा है। इस साल इस मशीन गन का ऑर्डर 225 करोड़ रुपये के पार चला गया। पिछले साल 190 करोड़ रुपये का ऑर्डर स्माल आर्म्स फैक्ट्री को मिला था। एमएजी को यूरोप के कई देश अपने सैनिकों को देना चाहते हैं। इसको लेकर उनकी स्माल आर्म्स फैक्ट्री के साथ बातचीत चल रही है। 2000 एमएमजी का ऑर्डर पूरा करने के साथ ही दूसरे समझौते पर भी फैक्ट्री ऑर्डर बनाने लगेगी।
स्माल आर्म्स फैक्ट्री कई छोटे हथियारों का निर्माण करती है। इसमें एके 203 और सीक्यूबी कार्बाइन का निर्माण यहां किया जा रहा है। इसके अलावा यहां कई रिवॉल्वर, ज्वाइंट वेंचर प्रोटेक्टिव कार्बाइन, एलएमजी बेल्टफेड मशीन आदि प्रमुख हैं। इनके निर्माण और उत्पादन का कार्य यहां हो रहा है। स्माल आर्म्स फैक्ट्री के जीएम सुरेंद्रपति का कहना है कि फैक्ट्री में एमएमजी के निर्यात ऑर्डर का काम तेजी से चल रहा है। अगले तीन साल में यूरोपीय देश को एमएमजी की सप्लाई पूरी हो जाएगी। कई अन्य देशों से ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।

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