450 करोड़ की लागत से बने डुमना एयरपोर्ट की गिरी छत, चकनाचूर हो गई लाखों की कार

जबलपुर/मध्य प्रदेश। शहर में बने एयरपोर्ट पर एक बड़ा हादसा सामने आया है। यहां की हाल ही में बनी नई टर्मिनल बिल्डिंग की छत एक कार में गिर गई। इसके चलते कार बुरी तरह से छतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही की जिस समय यह हादसा हुआ कार में कोई सवार नहीं था। हादसे का पता चलते ही एयरपोर्ट प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच की। हालांकि मामूली सी बारिश में करोड़ों की लागत से बनी बिल्डिंग के छत का हिस्सा गिरना भ्रष्टाचार की तरफ इशारा करता है।
दरअसल, लोकसभा चुनाव के पहले ही इस बिल्डिंग का उद्घाटन पीएम मोदी द्वारा वर्चुअली माध्यम से गिया था। साथ ही इस पर आवागमन मार्च महीने से शुरू किया था। जहां पर पहली ही बारिश होने पर हादसा सामने आया है। इससे यहां पर निर्माण को लेकर हुई धांधली की पोल खुल गई है। हादसा ड्रॉप एंड गो पर खड़ी अधिकारी की कार पर हुआ है।
छज्जा गिरने से चकनाचूर हुई कार
हादसे के वक्त एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग के नीचे खड़ी कार पर पानी गिरने पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार की हालत ऐसी है उसके ऊपर का हिस्सा पूरी तरह पिचक गया है। इतना ही नहीं वह बीच से टूट भी गया है। कार की हालत देखकर लगता है कि यदि इसमें कोई सवार होता तो उसका बचना मुश्किल ही होता। यह छज्जा एयरपोर्ट आने वाले यात्रियों के कार से उतरने और सामान उतारने के दौरान धूप और बारिश से बचाव के लिए लगाया गया है। इसे कैनेपी टेंट या टेंसिल रुफिंग कहते है। यही टेंसिल रुफिंग भारत सरकार के अधिकारी की कार के ऊपर गिर गई।
करोड़ों की लागत से बना है टर्मिनल
आपको बता दें कि जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट का यह टर्मिनल इसी साल बनकर तैयार हुआ है। इस टर्मिनल के निर्माण पर सरकार ने लगभग 400 करोड़ से अधिक खर्च किए हैं। इस टर्मिनल को 500 यात्रियों के एक साथ आने जाने के हिसाब से तैयार किया गया है। बीते दिन पहले ही सीएम मोहन यादव ने इसका नाम बदलने का ऐलान किया था। उसके पहले ही यहां पर ऐसा हादसा हुआ। जो कि कई सवाल खड़े करता है।
एयरपोर्ट के निर्माण पर उठ रहे सवाल
एयरपोर्ट का हिस्सा गिरने से भारत सरकार के अधिकारी की कार क्षतिग्रस्त हो गई। इस घटना के बाद एयरपोर्ट की बिल्डिंग के निर्माण पर सवाल उठ रहे हैं। इस बिल्डिंग के उद्घाटन के अवसर पर कई बड़े बड़े वादे किये गए थे। लेकिन उन वादों पर अभी तक किसी भी प्रकार का अमल नहीं हुआ हैं। मध्यप्रदेश के लोकनिर्माण मंत्री राकेश सिंह का जबलपुर गृह जिला हैं। डुमना एयरपोर्ट का एक हिस्सा जब गिरा जब लोक निर्माण मंत्री जबलपुर में ही थे। लेकिन उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है। उनका कहना हैं कि वो मीटिंग ले रहे थे।
हादसे को लेकर हाई लेवल जांच की मांग
इधर वायु सेवा संघर्ष समिति के लोगों ने इस घटना कि उच्च स्तरीय जांच कि मांग कि हैं। वायु सेवा संघर्ष समिति के हिमांशु खरे का कहना है कि देश की फेमस कंपनी ने डुमना एयरपोर्ट कि नवनिर्मित बिल्डिंग का निर्माण किया है। जिसकी जांच होनी चाहिए। 450 करोड़ रुपये की लागत से इस एयरपोर्ट का निर्माण किया गया है। लेकिन इस हादसे के बाद इसके निर्माण पर सवालिया निशान उठ रहे हैं।

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