गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट में 13 एसीपी और दो अपर पुलिस उपायुक्त के कार्यक्षेत्र किए तय

गाजियाबाद ब्यूरो। कमिश्नरेट में तीन डीसीपी के बाद अब कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा ने दो अपर पुलिस उपायुक्त और 13 सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) के कार्यक्षेत्र तय किए हैं। पूर्व में एसपी ट्रैफिक रामानंद कुशवाहा और एसपी प्रोटोकॉल सुभाष चंद्र गंगवार अब अपर पुलिस उपायुक्त यातायात व अपर पुलिस उपायुक्त प्रोटोकॉल/यूपी-112 के पदनाम से जाने जाएंगे। इनके अलावा सीओ स्तर के 13 अधिकारियों को एसीपी पदनाम देकर कार्यक्षेत्र तय कर दिए गए हैं।
पुलिस कमिश्नर अजय कुमार मिश्र ने बताया कि सहायक पुलिस आयुक्त भास्कर वर्मा को एसीपी अपराध, सीओ अंशु जैन को एसीपी कोतवाली, सीओ आलोक दूबे को एसीपी नंदग्राम, रितेश त्रिपाठी को एसीपी कविनगर, स्वतंत्र कुमार सिंह को एसीपी इंदिरापुरम, पूनम मिश्रा को एसीपी साहिबाबाद, रजनीश कुमार उपाध्याय को एसीपी लोनी, निमिष पाटिल को एसीपी मसूरी, सुनील कुमार सिंह को एसीपी मोदीनगर बनाया गया है। रवि प्रकाश सिंह को हाल ही में बनाए गए नए वेव सिटी सर्किल का एसीपी बनाया गया है। राजेश कुमार को एसीपी एलआइयू, अवनीश कुमार को एसीपी कार्यालय और अभिषेक श्रीवास्तव को एसीपी यातायात व लेखा बनाया गया है।
पुलिस कमिश्नर अजय कुमार मिश्र ने बताया कि सहायक पुलिस आयुक्त भास्कर वर्मा को एसीपी अपराध, सीओ अंशु जैन को एसीपी कोतवाली, सीओ आलोक दूबे को एसीपी नंदग्राम, रितेश त्रिपाठी को एसीपी कविनगर, स्वतंत्र कुमार सिंह को एसीपी इंदिरापुरम, पूनम मिश्रा को एसीपी साहिबाबाद, रजनीश कुमार उपाध्याय को एसीपी लोनी, निमिष पाटिल को एसीपी मसूरी, सुनील कुमार सिंह को एसीपी मोदीनगर बनाया गया है। रवि प्रकाश सिंह को हाल ही में बनाए गए नए वेव सिटी सर्किल का एसीपी बनाया गया है। राजेश कुमार को एसीपी एलआइयू, अवनीश कुमार को एसीपी कार्यालय और अभिषेक श्रीवास्तव को एसीपी यातायात व लेखा बनाया गया है।
जिले को मिले 62 कांस्टेबल
कमिश्नरेट बनने के बाद गाजियाबाद में स्टाफ बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दूसरे चरण में अब 62 कांस्टेबलों को गाजियाबाद में तैनाती दी गई है। इन कांस्टेबलों को बलिया, अलीगढ़, रायबरेली, मुजफ्फरनगर, शामली, मथुरा, बुलंदशहर, आगरा व मऊ समेत यूपी के अन्य जिलों से गाजियाबाद भेजा गया है। इसी सप्ताह इन कांस्टेबलों की आमद गाजियाबाद में हो जाएगी। इसके बाद कमिश्नर अजय कुमार मिश्र अपने स्तर से थानों में इन्हें तैनात करेंगे।




