बंगाल में चल रहा है ‘ लेडी किम ‘ का शासन ,टेट प्रदर्शनकारियों पर हुए अत्याचार पर बोले सुवेंदु अधिकारी

कोलकाता,(एजेंसी)। टेट- 2014 के अभ्यर्थियों पर ममता सरकार के पुलिस की बर्बरता की चौतरफा निंदा हो रही है। बुधवार को टेट अभ्यर्थियों पर हुए अत्याचार के खिलाफ विपक्षी पार्टी बीजेपी और लेफ्ट ने इसकी कड़ी निंदा की। विपक्ष के नेता सुवेंदु ने घटना को ‘एविल बीस्ट’कहा है। सुवेंदु ने कहा प्रदर्शनकारियों को घसीटा गया। उन्हें पीटा गया और में गैर जमानती धारा लगाकर गिरफ्तार कर लिया गया। लेफ्ट के वरिष्ठ नेता सुजन चक्रवर्ती ने ममता सरकार को इसका जिम्मेदार ठहराया है। नौकरी की मांग करने पर अभ्यर्थियों को पीटा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि जब तक उन्हें नौकरी नहीं मिलेगी तब तक वे अपना आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। इन अभ्यर्थियों वर्ष-2014 में टेट पास किया है पर अब तक नौकरी नहीं मिली है।
बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने टेट अभ्यर्थियों पर पुलिस अत्याचार को एविल बीस्ट कहा। “एविल बीस्ट” का मतलब होता है जानवरों जैसा सुलूक। सुवेंदु ने कहा कि बंगाल में लेडी किम का शासन चल रहा है। ममता बनर्जी सरकार की पुलिस निर्दोष अभ्यर्थियों को सरे आम जानवरों की तरह पीट रही। शिक्षित, बेरोजगार , योग्य अभ्यर्थियों को जानबूझकर पुलिस ने बुरी तरह पीटा। शिक्षिका बनने वाली अभ्यर्थी को महिला पुलिस दांत काट रही है इससे नृशंस कुछ नहीं हो सकता क्योंकि बंगाल में लेडी किम का शासन चल रहा है।
लेफ्ट के वरिष्ठ नेता सुजन चक्रवर्ती ने प्रदर्शनकरियों पर पुलिस के हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि परीक्षा पास करके भी जिन्हें नौकरी नहीं मिली उन्हें पीटा जा रहा है। पुलिस ने उनके साथ चरम बर्बरता की है । यह ममता सरकार की क्रूरता है। अब महिलाओं को भी नहीं बख्शा जा रहा है । पूरे राज्य में टेट अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है।
वर्ष 2014 में परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी लगातार नौकरी की मांग पर प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार को पुलिस अत्याचार के कारण कई अभ्यर्थियों की तबीयत खराब हो गई। पुलिस ने कैमक स्ट्रीट से अभ्यर्थियों को हटाने की कोशिश की पर वे नहीं हटे। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि वर्ष 2020 में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नौकरी देने की घोषणा की थी। शुरुआत में 20 हजार शिक्षकों नियुक्त किया जाएगा। लेकिन उसके बाद भी किसी को नौकरी नहीं मिली।




